Pakistan Weapon In Saudi Arabia: अपनी चौखट छोड़ सऊदी की पहरेदारी में जुटा पाकिस्तान, मिसाइलें, एयर डिफेंस और ड्रोन भेजा, आखिर माजरा क्या है?

Pakistan Weapon In Saudi Arabia: अपनी चौखट छोड़ सऊदी की पहरेदारी में जुटा पाकिस्तान, मिसाइलें, एयर डिफेंस और ड्रोन भेजा, आखिर माजरा क्या है?


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Saudi Arabia Pakistan News: सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताओं के बीच पाकिस्तान की ओर से सैन्य मदद बढ़ाने का दावा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद ने सऊदी अरब को मिसाइलें, रॉकेट, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम भेज रहा है. सैनिकों की तैनाती बढ़ाने और सैन्य विमानों से सामान पहुंचाने की बात भी कही गई है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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पाकिस्तान ने सऊदी अरब को मिसाइल, रॉकेट एयर डिफेंस, ड्रोन और सैनिक भेजे हैं. (सांकेतिक फोटो/Reuters)

Pakistan News Hindi: सऊदी अरब पर लगातार हूतियों के हमले से प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान हिले हुए हैं. इस दौरान सऊदी की मदद के लिए पाकिस्तान मैदान में आ गया है. दावा है कि इस्लामाबाद रियाद को सिर्फ हथियार और मिसाइलें ही नहीं भेज रहा, बल्कि उसकी सुरक्षा मजबूत करने के लिए सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा रहा है. यानी सऊदी की हिफाजत के लिए पाकिस्तान अपने आप को भी कमजोर करने को तैयार है. हालांकि, इस दोस्ती के पीछे सिर्फ सुरक्षा की चिंता है या कोई बड़ा आर्थिक हिसाब-किताब भी, यह सवाल अभी बना हुआ है.

CNN-News18 को एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान सितंबर 2025 में सऊदी अरब के साथ हुए रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते (SMDA) के तहत सैन्य मदद जारी रखे हुए है. सूत्र के दावे के मुताबिक, हाल में हथियारों की एक नई खेप भेजी गई है, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें, रॉकेट और पाकिस्तान में बने ड्रोन शामिल हैं. इनका मकसद सऊदी अरब के बड़े शहरों और अहम ठिकानों को संभावित हवाई हमलों से बचाने में मदद करना है. सैनिकों की संख्या, एयर डिफेंस के प्रकार का अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है.

हथियारों के साथ सैनिक भी भेजने का दावा

पाकिस्तान छोटे-छोटे समूहों में लगातार अपने सैनिक सऊदी अरब भेज रहा है. सैन्य सामान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान एयर फोर्स के ट्रांसपोर्ट विमान और सैन्य कार्गो उड़ानों का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. एक PAF IL-78 विमान के सऊदी हवाई क्षेत्र में दाखिल होने का भी दावा किया गया है. हालांकि, इन तैनातियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सैन्य सहयोग कोई नई बात नहीं है. पाकिस्तान के सैनिक दशकों से सऊदी अरब में मौजूद रहे हैं. इनमें प्रशिक्षण और दूसरी रक्षा गतिविधियों से जुड़े कर्मी भी शामिल हैं. लेकिन मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच सहयोग बढ़ गया है.

सऊदी के लिए पाकिस्तान की इतनी तैयारी क्यों?

सितंबर 2025 में हुए SMDA के तहत दोनों देशों ने यह प्रतिबद्धता जताई थी कि किसी एक पर हमला दूसरे पर भी हमला माना जाएगा. इस समझौते ने दोनों देशों के पुराने रक्षा संबंधों को औपचारिक रूप दिया. यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहता है. पाकिस्तान ने भी सार्वजनिक रूप से सऊदी की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. यानी मामला सिर्फ हथियार भेजने तक सीमित नहीं है. समझौते के तहत दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ गई है. अगर सऊदी पर हमला होता है, तो पाकिस्तान पर भी अपनी रक्षा प्रतिबद्धताओं को निभाने का दबाव बढ़ सकता है.

दोस्ती के पीछे आर्थिक हिसाब भी?

इस पूरे मामले का एक दिलचस्प पहलू आर्थिक मदद का दावा है. सुरक्षा सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब को सैन्य सामान और सैनिक उपलब्ध कराने के बदले बड़ी रकम हासिल कर रहा है. लेकिन कितनी रकम दी जा रही है, भुगतान की शर्तें क्या हैं और यह व्यवस्था किस रूप में चल रही है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. यही वजह है कि इस सैन्य सहयोग को केवल कुर्बानी या दोस्ती के नजरिए से देखना जल्दबाजी होगी. पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब के साथ रक्षा संबंध रणनीतिक और आर्थिक, दोनों लिहाज से अहम हो सकते हैं. दूसरी तरफ, रियाद को अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक पुराने सहयोगी का साथ मिल रहा है.



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