जहां 2 दिन पहले बरसे थे पत्थर, वहां अब लोगों ने एक-दूसरे पर बरसाए फूल, SHO, पुलिस जवानों समेत 14 हुए थे घायल, अब शान से निकली शोभायात्रा

जहां 2 दिन पहले बरसे थे पत्थर, वहां अब लोगों ने एक-दूसरे पर बरसाए फूल, SHO, पुलिस जवानों समेत 14 हुए थे घायल, अब शान से निकली शोभायात्रा


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Nahan Maharishi Valmiki Jayanti: हिमाचल प्रदेश के नाहन में वाल्मीकि जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान दोनों समुदायों ने हिंसा भुलाकर एक-दूसरे पर फूल बरसाए. बीते शुक्रवार को यहां तनाव के दौरान पथराव में पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए थे.

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सिरमौर जिले के नाहन में बीते शुक्रवार वाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच तनाव हो गया था.

नाहन. जहां पर दो दिन पहले लोग एक दूसरे पर पत्थर बरसा रहे थे, वहां अब उन्होंने एक दूसरे पर फूल बरसाए. हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर में यह भाईचारे का यह नजारा देखने को मिला. बीते शुक्रवार को हिंसा के बाद रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा निकली.  प्रशासन और विधायक की पहल के बाद दोनों समुदाय अपनी गलती मानी और फिर एक साथ नजर आए और फिर पुराने तय रूट पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई.  फिर शोभायात्रा के दौरान जो लोग पहले एक दूसरे पर पत्थर बरसा रहे थे, उन्होंने ही फूल बरसाए.

सिरमौर जिले के नाहन में बीते शुक्रवार वाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच तनाव हो गया था और इसमें पथराव के बीच एसएचओ और पुलिस जवानों समेत करीब 14 लोग घायल हो गए थे. शनिवार को प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ लोगों की कई दौर की बातचीत हुई और फिर प्रशासन ने शोभायात्रा का रूट बदला था. लेकिन इस बीच नाहन के मोहल्ला गोबिंदगढ़ के लोग नहीं चाहते थे कि सदियों पुरानी परंपरा टूट जाए. फिर सिख समुदाय के युवाओं ने प्रस्ताव दिया और फिर इस पहल पर विवाद सुलझ गया. कहा गया कि वाल्मीकि चौक की तोड़फोड़ को भी सिख समाज ठीक करवाएगा. फिर रविवार को यह शोभायात्रा निकली.

नाहन में दो समुदायों में हुआ था बवाल

22 अक्तूबर को नाहन में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी और इसमें एसएचओ, पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए. शहर में दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाल्मीकि चौक के पास स्वागत द्वार लगाने को लेकर हुए यहां पर दो मोहल्ले को लोगों के बीच विवाद हो गया था. गोबिंदगढ़ इलाके के कुछ निवासी स्वागत द्वार लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने विरोध किया. पीटीआई भाषा ने सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी के हवाले से लिखा कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलों से हमला किया था.

तहसीलदार की गाड़ी भी तोड़ दी थी

एसपी नेगी ने कहा कि जब नाहन के तहसीलदार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उनके सरकारी वाहन को रोक लिया और उस पर पत्थरों तथा लाठियों से हमला किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. इस घटना में नाहन सदर थाने के प्रभारी कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए.



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