कप्तानी छोड़ते ही चमकीं हरमनप्रीत, शतक जड़ मिताली को पछाड़ा
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Harmanpreet Kaur 8th ODI Hundred: हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार वापसी की है. उन्होंने दूसरे वनडे में 101 गेंदों में अपने वनडे करियर का आठवां शतक जड़ा. वडोदरा में खेले गए मुकाबले में 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने शानदार फॉर्म दिखाई. इस शतकीय पारी के साथ उन्होंने 7 शतकों वाली मिताली राज को पीछे छोड़ दिया. भारत की ओर से सबसे ज्यादा 14 शतक लगाने वाली स्मृति मंधाना पहले और हरमनप्रीत दूसरे स्थान पर हैं.
हरमनप्रीत कौर ने वनडे करियर का आठवां शतक जड़ा. (AP)
नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का बल्ला मैदान पर इन दिनों जमकर गरज रहा है. जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में हरमनप्रीत ने ऐतिहासिक और यादगार पारी खेली. कप्तानी के दबाव से मुक्त होने के बाद यह उनके बल्ले से निकला पहला शतक है, जिसने क्रिकेट जगत में एक बार फिर उनकी क्लास और अनुभव का लोहा मनवा दिया है. हरमनप्रीत महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाली दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं. उनसे पहले अब स्मृति मंधाना हैं.
वडोदरा के कोटंबी स्थित बीसीए स्टेडियम (BCA Stadium) में हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. उन्होंने सिर्फ 101 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा किया. इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया. उनकी यह पारी इस बात का सबूत है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और 37 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और खेल के प्रति भूख में कोई कमी नहीं आई है.
मिताली राज को पीछे छोड़कर हासिल किया दूसरा स्थान
इस शतकीय पारी के साथ ही हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर छू लिया है. यह उनके वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का आठवां शतक है.इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने भारत की पूर्व महान कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ दिया है. मिताली राज के नाम महिला वनडे क्रिकेट में 7 शतक दर्ज थे, जिन्हें अब हरमनप्रीत ने पछाड़ दिया है.
स्मृति मंधाना के बाद अब हरमनप्रीत का जलवा
अब भारत की ओर से महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) 14 शतकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं. वहीं, हरमनप्रीत कौर अब 8 शतकों के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं, जबकि मिताली राज खिसककर तीसरे स्थान पर आ गई हैं. हरमनप्रीत की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है.
पहले वनडे में चूकी थीं, लेकिन दूसरे में दिखाया दम
इससे ठीक पहले खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भी हरमनप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन किया था और वह शतक बनाने से चूक गई थीं, तब उन्होंने 91 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी. उस मैच के बाद से ही फैंस को उनके इस शतक का बेसब्री से इंतजार था, जिसे उन्होंने दूसरे मुकाबले में ही बेहद आक्रामक अंदाज में पूरा कर दिखाया.
कप्तानी का बोझ उतरने के बाद खुलकर खेल रही हैं बल्लेबाज
सैंतीस साल की उम्र में इस तरह की निरंतरता और फॉर्म दिखाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन हरमनप्रीत ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए साबित कर दिया कि वह टीम की सबसे भरोसेमंद मैच विनर क्यों हैं. कप्तानी छोड़ने के बाद उन पर से रणनीतिक दबाव जरूर कम हुआ है, जिसका सीधा असर उनके खेल में खुलकर खेलने की आजादी के रूप में दिखाई दे रहा है. जिम्बाब्वे के खिलाफ इस यादगार पारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ आज भी हरमनप्रीत कौर ही हैं.