कार्बाइड गन क्या होती है, जिस पर MP में लगी रोक? पिछले साल कई की दिवाली कर दी थी काली

कार्बाइड गन क्या होती है, जिस पर MP में लगी रोक? पिछले साल कई की दिवाली कर दी थी काली


दीपावली पर खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने कार्बाइड गन की बिक्री और इस्तेमाल पर इस साल भी रोक लगा दी है. पिछले साल दीपावली के आसपास ही इस गन की वजह से सैकड़ों लोगों के घायल होने और आंखों की रोशनी जाने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद से ही राज्य सरकार इस पर सख्ती बरत रही है. इस साल भी सीएम मोहन यादव ने कार्बाइड गन ही नहीं बल्कि कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर भी रोक के निर्देश दिए हैं. 22 अक्टूबर से यह आदेश लागू हो गया है जो 18 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा.

दीपावली पर पटाखे जलाना और तेज आवाज के धमाकों का आनंद लेना लोगों के लिए उत्सव का हिस्सा है. मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन के रूप में इसका जुगाड़ ढूंढा गया था. मगर पिछले साल इससे होने वाले धमाके की वजह से कई लोगों की आंखों की रोशनी जाने का दावा किया गया था. कई लोग घायल भी हुए थे. इसके बाद इस पर बैन लगा दिया गया था.

क्या होती है कार्बाइड गन?

कार्बाइन गन एक बंदूक की तरह नजर आती है. इसे ज्यादातर पीवीसी पाइप से बनाया जाता है, जिसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी का इस्तेमाल होता है. इससे रिएक्शन पैदा होता है और एक तेज विस्फोट होता है. यह दिखते तो एक खिलौने की तरह हैं, मगर होते बड़े खतरनाक हैं. पहले इसे पीवीसी मंकी रिपेलर गन के नाम से बेचा जाता था.

खासतौर से ग्रामीण इलाकों में इसका इस्तेमाल पहले खेतों से जानवरों को और बंदरों को भगाने के लिए किया जाता था. हालांकि तेज आवाज होने की वजह से लोगों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी और यह बाजारों में आम लोगों के लिए भी उपलब्ध होने लगीं. धीरे-धीरे ये पारंपरिक पटाखों के तौर पर इस्तेमाल की जाने लगीं. बाजार में पिछले साल जो कार्बाइड गन की बिक्री हुईं थीं उनकी कीमत 150 से 200 के आसपास थी.

कार्बाइड गन में कैसे होता है धमाका?

कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड और माचिस की तीलियों तथा बारूद का मिश्रण होता है. इसमें पानी मिलाने पर एसिटिलीन गैस बनती है, जिसके जलने से विस्फोट होता है और हानिकारक गैसें बाहर निकलती हैं. और बारूद का मिश्रण होता है. कैल्शियम कार्बाइड में पानी मिलाने से एसिटिलीन गैस बनती है, जिसके जलने से शक्तिशाली विस्फोट होते हैं जिससे तीव्र गर्मी और हानिकारक गैसें निकलती हैं.

यह इतने धमाके के साथ निकलती हैं, जिससे गंभीर चोट का खतरा पैदा हो जाता है. कई बार कमजोर होरे की वजह से पाइप फट जाता है, जिससे लोग घायल हो जाते हैं.

आंखों की रोशनी को होता है नुकसान

पाइप टूटने से चेहरे व त्वचा को भी नुकसान हो सकता है. कई बार विस्फोट होने में देरी की वजह से लोग गन की तरफ देखते हैं. कई बार तो बैरल में देखने लगते हैं. अगर इस दौरान विस्फोट हो जाए तो आंखों का रेटिना तक फट जाता है. इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी ने 2023 में इस पर एक रिसर्च की थी, जिसे PubMed ने प्रकाशित किया था. इसमें 23 मरीजों का विश्लेषण लिया गया था. इसमें कुछ मरीजों के गंभीर चोट के कारण कॉर्निया को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी. कुछ आंखों की स्टेम कोशिकाएं भी प्रभावित हुईं थीं.

मध्य प्रदेश ने क्यों लगाया इस पर प्रतिबंध

मध्य प्रदेश में पिछले साल कार्बाइड गन से जुड़े हादसों की एक लंबी फेहरिस्त सामने आई थी. इसमें कई लोगों की आंखों की रोशनी तक प्रभावित हुई थी. कई की आनन-फानन में सर्जरी करनी पड़ी थी. इसके बाद सरकार ने कार्बाइड गन की बिक्री, खरीद पर रोक लगा दी थी. अब इस साल पर इस पर रोक लगा दी गई है. सरकार की ओर से आदेश होने के बाद इंदौर , ग्वालियर, भोपाल समेत अन्य शहरों में जिला प्रशासन की ओर से इसकी बिक्री पर प्रतिबंध होने के आदेश जारी किए गए हैं. रोक के बावजूद खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.



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