अभय सिंह, चंचल सिंह मेरे दुश्मन… कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय क्यों मान रहे दुश्मनी

अभय सिंह, चंचल सिंह मेरे दुश्मन… कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय क्यों मान रहे दुश्मनी


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भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन विधायक स्वर्गीय कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय के एक बयान से गाजीपुर में सियासी हलचल शुरू हो गई है. एक तरफ जहां उन्होंने बीजेपी में शामिल हुए अभय सिंह को अपना दुश्मन बताया है तो वहीं गाजीपर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल को भी उन्होंने अपना दुश्मन बताया है. उन्होंने बहुत बेबाकी से कहा है कि मेरे पिता की हत्या में दोनों लोगों का किसी भी तरह से इन्वॉल्वमेंट रहा है तो मेरे दुश्मन हैं.

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पीयूष राय ने अभय सिंह और विशाल सिंह चंचल को लेकर बड़ा बयान दिया है.

लखनऊः उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. लेकिन उसे पहले सूबे में जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है. एक पार्टी से दूसरी पार्टी में दिग्गज और कद्दावर नेताओं के आने-जाने का सिलसिला शुरू है. इस सियासी यातायात के बीच एक नेता की चर्चा खूब हो रही है, जिनका नाम है अभय सिंह. अभय सिंह अयोध्या के गोसाईंगंज विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं, पहले सपा में थे और अब बीजेपी में शामिल हो गए. सैंकड़ों गाड़ियों और हजारों समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन थामने पहुंचे अभय सिंह की एंट्री से अधिकांश लोग खुश नहीं हैं, जिसमें एक नाम है पीयूष राय का. पीयूष राय, स्वर्गीय कृष्णानंद राय के बेटे हैं, जो मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से विधायक थे.

पिता को खोने का दर्द अब भी वैसा ही है
पीयूष राय ने एक निजी इंटरव्यू में खुलकर और बेबाकी से अपने विचारों को रखा है. उन्होंने बिल्कुल भी लाग-लपेट नहीं रखा. हालांकि पार्टीलाइन का सम्मान करते हुए उन्होंने पार्टी के इस फैसले के खिलाफ नहीं बोला. लेकिन उन्होंने अपने मन की बात बिल्कुल स्पष्टता के साथ रखा. दरअसल, पीयूष राय से एक इंटरव्यू में अभय सिंह की एंट्री को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो भी अपना समीकरण देखकर अभय सिंह को पार्टी में शामिल किया हो. लेकिन मैं न तो पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते अभय सिंह का स्वागत किया और न ही सामान्य तौर पर. पीयूष राय ने इसके आगे कहा, चाहे अभय सिंह हों या फिर गाजीपुर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल, अगर वो मेरे पिता की हत्या में किसी भी तरह के शामिल रहे हैं, वो मेरे दुश्मन हैं. पार्टी का अपना फैसला है, उसपर हम नहीं कुछ कह सकते. लेकिन मेरे लिए वो दुश्मन हैं.’

अभय सिंह से पीयूष राय की कैसी दुश्मनी
दरअसल, साल 2005 में 29 नवंबर को जब गाजीपुर के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय और उनके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग हो रही थी, तब मुख्तार अंसारी जेल में रहते हुए फोन पर अभय सिंह से बात करते हुए कहता है कि वहां गोली चल रही है, विधायक भी हैं और उनके साथी भी हैं. चुटिया काट लिए हैं.’ अभय सिंह और मुख्तार अंसारी बात खत्म करते-करते एक बार हंसते हैं. हालांकि अभय सिंह इस वायरल ऑडियो को फर्जी बताते हैं. कई बार दावा किया गया कि मुख्तार ने अभय सिंह को कृष्णानंद राय की हत्या की जानकारी दी थी. पिता की हत्या को भले ही 21 साल होने वाले हैं. लेकिन पीयूष राय के दिल में पिता को खोने का दर्द अब भी वैसे का वैसा ही है.

विशाल सिंह चंचल से कैसी दुश्मनी
कृष्णानंद राय के परिवार और विशाल सिंह चंचल के परिवार के बीच राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान बहुत लंबे समय से नजर आती रही है. वहीं एमएलसी विशाल सिंह चंचल की मुख्तार अंसारी परिवार से नजदीकियां भी इस खींचतान की मुख्य वजह रही हैं. क्योंकि मुहम्मदाबाद में अंसारी परिवार और कृष्णानंद राय के परिवार के बीच 36 का आंकड़ा है. अब ऐसे में विशाल सिंह चंचल पर यह आरोप लगते रहे हैं कि बीजेपी में रहने के बावजूद विशाल सिंह चंचल की नजदीकियां अंसारी परिवार से हैं.दोनों के बीच कई बार टिकट बंटवारे को लेकर भी भीतरी राजनीतिक खींचतान नजर आती है.



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