Uttarakhand Destination Wedding: Nainital, Corbett, Ramnagar resorts packed for winter wedding season

Uttarakhand Destination Wedding: Nainital, Corbett, Ramnagar resorts packed for winter wedding season


गौरव जोशी/Uttarakhand Destination Wedding: उत्तराखंड की हसीन वादियां अब केवल पर्यटकों के लिए घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रह गई है. बल्कि बदलते दौर के साथ अब यह ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ का भी बड़ा ठिकाना बनता जा रहा है. मैरिज हॉलों की चकाचौंध को छोड़कर अब लोग कुमाऊं की शांत और हरी-भरी वादियों में सात फेरे लेने पहुंच रहे हैं. नैनीताल, भीमताल, रामनगर और मुक्तेश्वर जैसे इलाकों में लोग शादी समारोहों ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के लिए होटल और रिजॉर्ट बुक कर रहे हैं. इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार के साथ कैटरिंग, टैक्सी, सजावट और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को भी काम मिल रहा है. होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह के मुताबिक, पिछले सात से आठ वर्षों में इस चलन में काफी बढ़ोतरी हुई है.

अब शादी समारोहों की पहली पसंद बना कुमाऊं
आमतौर पर नैनीताल को झीलों के शहर और हिल स्टेशन के रूप में जाना जाता रहा है. यहां की प्रसिद्ध नैनी झील, चारों ओर से घिरी पर्वत शृंखलाएं और साल भर बना रहने वाला खुशनुमा मौसम लाखों सैलानियों को अपनी ओर खींचता है. हालांकि, अब सरोवर नगरी और इसके आसपास के इलाकों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है.

लोग अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत को प्राकृतिक खूबसूरती के बीच यादगार बनाना चाहते हैं. इसी चाहत ने नैनीताल के साथ-साथ मुक्तेश्वर, रामगढ़ और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे इलाकों में बने होटलों, लक्जरी रिजॉर्ट्स और निजी फार्महाउसों को मुख्य शादी स्थलों में तब्दील कर दिया है.

7-8 सालों में तेजी से बढ़ा ट्रेंड, पूरे रीजन को मिला फायदा
होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र में डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड बीते सात से आठ वर्षों में काफी तेजी से उभरा और लोकप्रिय हुआ है. उन्होंने बताया कि इस समय कुमाऊं में सबसे प्रमुख वेडिंग वेन्यू कॉर्बेट और उसके आसपास के इलाके हैं. इसके अलावा दूसरा बड़ा केंद्र भीमताल और नौकुचियाताल बने हुए है.

वेद साह का कहना है कि जब कोई शादी समारोह आयोजित होता है, तो उसका आर्थिक लाभ सिर्फ उसी वेन्यू तक सीमित नहीं रहता. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई मेहमान शादी में शामिल होने के लिए कॉर्बेट आता है, तो वह केवल वहीं नहीं रुकता, बल्कि समारोह के बाद या पहले नैनीताल, भीमताल और अल्मोड़ा जैसे कुमाऊं के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर भी घूमने निकलता है. इससे पूरे परिक्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ा है.

नवंबर-दिसंबर पैक, नए साल की एडवांस बुकिंग
मैदानी और तराई इलाकों से आने वाले परिवारों के बीच पहाड़ों में शादी करने की यह मांग जमीनी स्तर पर भी साफ नजर आ रही है. स्थानीय स्तर पर आयोजन और शादियों से जुड़े कामकाज में लगे युवाओं का कहना है कि इस समय काम की कोई कमी नहीं है. उनके अनुसार, मैदानी इलाकों के लोग बड़ी तादाद में यहां शादी के लिए पहुंच रहे हैं. सबसे ज्यादा मांग रामनगर क्षेत्र में देखी जा रही है, जहां के रिजॉर्ट्स आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं.

इसके बाद भीमताल और नैनीताल का नंबर आता है. स्थानीय युवाओं ने बताया कि चालू विंटर सीजन में काम की रफ्तार बेहद तेज है, नवंबर और दिसंबर के लिए वेन्यू पूरी तरह पैक हो चुके हैं, जबकि जनवरी और फरवरी के महीनों के लिए भी एडवांस बुकिंग लगातार आ रही हैं. सिर्फ मुख्य विवाह समारोह ही नहीं, बल्कि प्री-वेडिंग शूट के लिए भी युवा जोड़े बड़ी संख्या में इन सुरम्य वादियों का रुख कर रहे हैं, जिससे पूरे साल काम का सिलसिला बना रहता है.

कैटरिंग से लेकर टैक्सी और इवेंट्स को मिला सहारा
डेस्टिनेशन वेडिंग के इस बढ़ते चलन ने उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका और रोजगार की दिशा में नई उम्मीदें जगाई हैं. मेहमानों के ठहरने के लिए होटल-रिजॉर्ट्स से लेकर खानपान (कैटरिंग), स्टेज व मंडप की सजावट, पेशेवर फोटोग्राफी, सिनेमैटोग्राफी, परिवहन और स्थानीय फूलों की सजावट जैसी तमाम सेवाओं की मांग अचानक बढ़ जाती है. जिसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं, टैक्सी संचालकों, हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन का काम करने वाले कारीगरों, इवेंट मैनेजमेंट टीमों और छोटे-मोटे दुकानदारों को मिल रहा है.



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