जयपुर. राजस्थान में बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई रफ्तार हासिल की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपने 34 महीने के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 10920 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की है. वहीं, सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28303 मेगावाट का इजाफा हुआ है. सरकार के अनुसार, इन योजनाओं से किसानों को दिन में बिजली देने का काम किया जा रहा है. इसके अलावा गांवों तक बेहतर पॉवर सप्लाई और प्रदेश को एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर काम किया जा रहा है.
राज्य सरकार ने दावा किया है कि बिजली उत्पादन, सौर ऊर्जा और विद्युत सब-स्टेशनों के विस्तार किया गया है. मौजूदा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में कई गुना अधिक काम किया है.
26 जिलों में किसानों को दिन में मिल रही बिजली
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार का कहना है कि कस्बों से लेकर गांवों और ढाणियों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय बिजली व्यवस्था में कुप्रबंधन और डिस्कॉम्स के घाटे का आरोप भी लगाया है.
34 महीने में बिजली उत्पादन क्षमता 10,920 मेगावाट बढ़ी
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा सरकार के 34 महीने के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 10920 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पूरे 5 साल के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 3958 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई थी.
सरकार का दावा है कि मौजूदा कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में हुई बढ़ोतरी कांग्रेस सरकार के 5 साल के आंकड़े से करीब पौने तीन गुना ज्यादा है. वहीं, कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों की तुलना में यह बढ़ोतरी 5 गुना से अधिक बताई गई है.
सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28303 मेगावाट का इजाफा
राजस्थान में सौर ऊर्जा की संभावनाओं को देखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार पर जोर दे रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भाजपा सरकार के 34 महीने के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28303 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है.
इसके मुकाबले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों में 3985 मेगावाट और पूरे 5 साल के कार्यकाल में 14878 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई थी. सरकार का कहना है कि सौर ऊर्जा के विस्तार से प्रदेश की बिजली जरूरतों को पूरा करने और ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है.
नए ग्रिड सब-स्टेशनों का तेजी से हो रहा विस्तार
बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ उसके सुचारु प्रसारण के लिए प्रदेश में नए विद्युत सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं.
- 400 केवी क्षमता के 2 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए.
- 220 केवी क्षमता के 9 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित हुए.
- 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए.
- 33 केवी क्षमता के 532 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं.
वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 5 साल के कार्यकाल में 400 केवी के 1 220 केवी के 5 और 132 केवी के 38 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए थे. सरकार के अनुसार, कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों में 33 केवी के 477 सब-स्टेशन स्थापित हुए थे.
पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश में सबसे आगे
राजस्थान सरकार के अनुसार, पीएम कुसुम योजना के तहत प्रदेश में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है. सरकार ने इसे देश में सबसे ज्यादा बताया है. इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिला है.
योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं देने और उनकी बिजली जरूरतों को पूरा करने पर काम किया जा रहा है.
डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति में सुधार का दावा
राज्य सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति में सुधार का भी दावा किया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया. वहीं, जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 931 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया.
सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन, सौर ऊर्जा क्षमता और विद्युत प्रसारण नेटवर्क के विस्तार से प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत हो रही है. इससे उद्योगों, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. राज्य सरकार इन उपलब्धियों को विकसित राजस्थान और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बता रही है.