चाईबासा के तीरंदाज विजय सुंडी ने जापान में रचा इतिहास, पैरा एशियाई खेलों में जीता गोल्ड मेडल

चाईबासा के तीरंदाज विजय सुंडी ने जापान में रचा इतिहास, पैरा एशियाई खेलों में जीता गोल्ड मेडल


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जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें पैरा एशियाई खेलों में चाईबासा के तीरंदाज विजय सुंडी ने गोल्ड मेडल जीता है. उन्होंने हरविंदर सिंह के साथ मिलकर पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में यह सफलता हासिल की. विजय सुंडी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से झारखंड और पूरे देश में जश्न का माहौल है.

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चाईबासा: झारखंड के चाईबासा जिले से एक बेहद गर्व और खुशी भरी खबर सामने आई है. जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें पैरा एशियाई खेलों में चाईबासा के प्रतिभावान तीरंदाज विजय सुंडी ने देश और दुनिया के बीच अपनी शानदार प्रतिभा का लोहा मनवाया है. विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. इस बड़ी जीत से न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश का नाम रोशन हुआ है.

हरियाणा के हरविंदर सिंह के साथ बनाई जोड़ी
जापान के आइची-नागोया में चल रहे इन प्रतिष्ठित पैरा एशियाई खेलों में भारत की ओर से खेल रहे चाईबासा के विजय सुंडी ने बेहतरीन खेल दिखाया. उन्होंने हरियाणा के जाने-माने तीरंदाज हरविंदर सिंह के साथ मिलकर पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में हिस्सा लिया था. दोनों खिलाड़ियों की इस जोड़ी ने मैदान पर शुरू से ही शानदार तालमेल और अचूक निशानेबाजी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया.

कड़े मुकाबले में हासिल की ऐतिहासिक जीत
आज सुबह आयोजित हुए इस रोमांचक खिताबी मुकाबले में विजय सुंडी और हरविंदर सिंह की जोड़ी ने शुरुआत से ही विपक्षी खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा. दोनों ने अपने सटीक निशानों के दम पर इस कड़े मुकाबले को अपने नाम कर लिया. स्वर्ण पदक जीतने के बाद खेल प्रेमियों और दोनों खिलाड़ियों के समर्थकों में जश्न का माहौल है. झारखंड लौटने पर इस युवा खिलाड़ी के भव्य स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.

परिवार और जिले में जश्न का माहौल
विजय सुंडी की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक आवास और चाईबासा शहर में खुशी की लहर दौड़ गई है. स्थानीय खेल प्रेमियों, रिश्तेदारों और विभिन्न खेल संगठनों ने विजय को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है. लोगों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी कड़ी मेहनत जारी रखकर विजय ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है.

झारखंड का नाम वैश्विक मंच पर किया रोशन
ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना वाकई एक मिसाल है. विजय सुंडी की यह सफलता आने वाले समय में झारखंड के अन्य युवाओं और उभरते हुए खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी. उनकी इस जीत ने देश के पैरा स्पोर्ट्स के इतिहास में एक नया और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है.



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