भाई का साथ, मेहनत की ताकत! 4 एकड़ में मिक्स खेती कर लाखों कमा रहा किसान मनोहर
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Mix Farming: बुरहानपुर के किसान मनोहर महाजन ने बड़े भाई से 50 हजार रुपए उधार लेकर खेती शुरू की थी. आज वे मिक्स खेती के जरिए सालाना 4 से 5 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं. आज मनोहर महाजन उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो सीमित संसाधनों के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत और लगन के साथ छोटे स्तर से शुरुआत करके भी आगे बढ़ा जा सकता है.
Mix Farming: कहते हैं कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ मिल जाए तो जिंदगी बदलने में देर नहीं लगती. इसका उदाहरण किसान मनोहर महाजन हैं जिन्होंने कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा किया लेकिन आज वे खुद खेती करके सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. उनकी इस सफलता के पीछे बड़े भाई का सहयोग उनकी मेहनत और खेती के प्रति लगन की अहम भूमिका है.
किसान ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को किसान मनोहर महाजन बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब वे दूसरों के खेतों में मजदूरी करने जाते थे. उनके बड़े भाई ने उनकी परेशानी को समझा और खेती का काम शुरू करने के लिए 50 हजार रुपए उधार दिए. यह राशि उनके लिए नई शुरुआत साबित हुई. उन्होंने इसी पैसे से खेती का व्यवसाय शुरू किया. हालांकि शुरुआत का सफर आसान नहीं था. कभी फसलों को नुकसान हुआ तो कभी खेती में उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं मिली. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे.
25 वर्षों से कर रहे हैं मिक्स खेती
किसान मनोहर महाजन पिछले 25 वर्षों से खेती कर रहे हैं. आज वे चार एकड़ जमीन पर मिक्स खेती कर रहे हैं. उनके खेत में सोयाबीन मक्का चना और विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन होता है. वे मौसम और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग फसलों की खेती करते हैं. इससे उन्हें आमदनी के कई स्रोत मिलते हैं और किसी एक फसल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. मनोहर महाजन के अनुसार वे खेती से हर साल करीब 4 से 5 लाख रुपये की कमाई कर लेते हैं. इसके साथ ही उनकी खेती से क्षेत्र के 5 से 6 लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. इस तरह उनका व्यवसाय न केवल परिवार की आजीविका का साधन बना है बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार का अवसर उपलब्ध करा रहा है.
बड़े भाई का सहयोग बना जिंदगी बदलने की वजह
मनोहर महाजन की कहानी बताती है कि सफलता हासिल करने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी मेहनत, धैर्य और सही समय पर मिलने वाला सहयोग है. बड़े भाई से मिले 50 हजार रुपए ने उन्हें खेती शुरू करने का अवसर दिया. इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत करके अपनी पहचान बनाई.