BLF Attack in Gawadar। Balochistan Liberation Front Gawadar Attack। ग्वादर में BLA ने सैन्य कैंप पर किया कब्जा, पाक-चीन की नब्‍ज दबाने का दावा


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BLF Attack in Gawadar: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में BLF ने ऑपरेशन अलमास के तहत ग्वादर में सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है. संगठन ने FWO कैंप और माजानी पुलिस स्टेशन पर कब्जे की बात कही है. सैन्य काफिले पर हमले का दावा भी किया गया. दूसरी ओर, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने हमले को नाकाम करने और तीन हमलावरों के मारे जाने की जानकारी दी. दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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ग्वादर में BLA ने सैन्य कैंप पर किया कब्जा, पाक-चीन की नब्‍ज दबाने का दावाZoom

बलूचिस्‍तान में बीएलए ने बड़ा हमला किया.

पाकिस्तानी सेना के गढ़ में घुसकर बलूच विद्रोहियों ने ऐसा खौफनाक और जबरदस्त तांडव मचाया है कि इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक हड़कंप मच गया है. बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने ऑपरेशन अलमास का ऐलान करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद अहम ग्वादर शहर में पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर चौतरफा और जानलेवा हमला बोल दिया है. सैन्य कैंपों से लेकर पुलिस स्टेशनों तक, बलूच लड़ाकों ने जिस बेखौफ अंदाज में कब्जा जमाकर अपना परचम लहराया है, उसने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. इस भीषण जंग में मिलिट्री इंटेलिजेंस के कैप्टन समेत कई खूंखार जवानों के मारे जाने से पाक सेना की चूले हिल गई हैं. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की छाती पर हुए इस सबसे बड़े हमले ने यह साफ कर दिया है कि बलूचिस्तान अब पूरी तरह से सुलग चुका है और हालात पाकिस्तान के हाथों से पूरी तरह फिसल चुके हैं.

ग्वादर के सैन्य कैंप पर कब्जे का दावा
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने गुरुवार को जारी बयान में ऑपरेशन की जानकारी दी. उनके मुताबिक, संगठन की विशेष सद्दो ऑपरेशनल बटालियन और अन्य इकाइयां इसमें शामिल हैं. BLF का दावा है कि अभियान की शुरुआत ग्वादर जीरो पॉइंट स्थित फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के कैंप पर बड़े हमले से हुई. बाद में संगठन ने सैन्य परिसर पर नियंत्रण हासिल करने और वहां अपना झंडा फहराने का दावा किया.

पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के मारे जाने का दावा
संगठन ने दावा किया कि लड़ाई में पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस का एक कैप्टन और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कई कर्मी मारे गए. इन हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. FWO पाकिस्तानी सेना से जुड़ा सैन्य इंजीनियरिंग संगठन है. यह पाकिस्तान में सड़क, निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में काम करता है.

पुलिस स्टेशन और सैन्य काफिले पर भी हमले का दावा
BLF ने माजानी पुलिस स्टेशन पर कब्जा करने और वहां से सरकारी हथियार व उपकरण जब्त करने का दावा किया है. संगठन के अनुसार, झड़पों में एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई. ग्वादर जिले के गाबद इलाके में सैन्य काफिले पर हमले की जिम्मेदारी भी BLF ने ली है. संगठन का दावा है कि हमले में एक सैन्य वाहन नष्ट हुआ और कई कर्मी मारे गए या घायल हुए. गाबद क्रॉस की पुलिस चौकी पर नियंत्रण का दावा भी किया गया है.

पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज और डॉन से जुड़ी रिपोर्टों में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से अलग तस्वीर सामने आई है. पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि सुरक्षा बलों ने निर्माण कंपनी के खाली कैंप पर हमले की कोशिश नाकाम कर दी. सुरक्षा अभियान में तीन हमलावरों के मारे जाने की भी खबर है. अन्य संदिग्धों को घेरने की जानकारी भी सामने आई. हालांकि, दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.

ग्वादर क्यों है इतना अहम?
ग्वादर पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है. यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC का प्रमुख हिस्सा है. इस परियोजना के जरिए चीन और पाकिस्तान के बीच व्यापार, परिवहन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसे में यहां सुरक्षा ठिकानों पर हमले आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए चिंता बढ़ा सकते हैं. बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह जारी है. सशस्त्र संगठन पाकिस्तान सरकार पर संसाधनों के दोहन और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं. वहीं, पाकिस्तान इन समूहों को आतंकवादी संगठन मानता है और उनके खिलाफ सैन्य अभियान चलाता है.



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