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Chitrakoot Ground Report : मानिकपुर सतना मुख्य मार्ग की हालत खराब हो चुकी है. यहां गाड़ियां रफ्तार में नहीं बल्कि गति धीमी करके निकलती हैं. इसकी वजह खुद सड़क है. करीब 4 साल पहले बनी ये सड़क गड्ढों में बदल चुकी है. यह वही मुख्य सड़क है, जो रानीपुर टाइगर रिजर्व, तुलसी वॉटरफॉल और मार्कंडेय आश्रम सहित कई स्थानों को जोड़ते हुए मध्य प्रदेश के सतना मैहर की ओर जाती है. बरसात खत्म हो जाने के बाद भी अब तक इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है. लोकल 18 से राहगीर बबलू बताते हैं कि इस सड़क पर हादसा होने का खतरा हमेशा बना रहता है. आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल होते हैं.
चित्रकूट. आज हम आपको चित्रकूट के एक ऐसे हाईवे की सैर कराने जा रहे हैं जहां गाड़ियां रफ्तार में नहीं बल्कि गति धीमी करके निकलती हैं. इसकी वजह खुद हाईवे है. चित्रकूट के मानिकपुर सतना मुख्य मार्ग की इस सड़क को बने तीन से चार साल का समय ही बीता होगा लेकिन अब यह रोड गड्ढे में तब्दील हो गई है. अब सड़क से ज्यादा गड्ढे दिखाई देते हैं. यह वही मुख्य सड़क है, जो रानीपुर टाइगर रिजर्व, तुलसी वॉटरफॉल और मार्कंडेय आश्रम सहित कई स्थानों को जोड़ते हुए मध्य प्रदेश के सतना मैहर की ओर जाती है. सड़क गड्ढों में तब्दील होने से राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रात के समय यहां निकलना आसान नहीं. बाइक सवार और ई रिक्शा कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं. बरसात खत्म हो जाने के बाद भी अब तक इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है.
टिकरिया के बाद ज्यादा खराब
लोकल 18 ने यहां से निकल रहे राहगीरों से बात की. बाइक सवार राहगीर बबलू ने बताया कि सतना से मानिकपुर जा रहे हैं. बबलू कहते हैं कि कहीं-कहीं सड़क तो अच्छी है, लेकिन टिकरिया के बाद से गड्ढों में तब्दील हो गई है. इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है. आए दिन बाइक सवार इन गड्ढों में गिर कर चोटिल होते हैं. बबलू की मांग है कि इस रोड को जल्द से जल्द बनना चाहिए क्योंकि इससे हजारों लोग रोज निकलते हैं.
सवारी बैठाकर निकल रहे ई रिक्शा चालक मोहन कहते हैं कि वे इस सड़क से रोज सवारियों को लेकर निकलते हैं. बीच-बीच में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि ई रिक्शा पलटने का डर रहता है. कई बार तो ई-रिक्शा पलट भी चुका है और बाइक सवार गिर भी चुके हैं. प्रशासन को इस रोड पर ध्यान देना चाहिए. इसका बनना जरूरी है. रात में इस सड़क से निकलना काफी खतरानाक है. गड्ढे रात के समय दिखाई नहीं देते. इससे रात में अक्सर हादसे होते रहते हैं.