NH-45 : एनएचएआई ने बनाई देश की सबसे अनोखी सड़क, बाघों के घर में बनाया साउंडप्रूफ रास्ता

NH-45 : एनएचएआई ने बनाई देश की सबसे अनोखी सड़क, बाघों के घर में बनाया साउंडप्रूफ रास्ता


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Bhopal-Jabalpur NH-45 : वैसे तो देश में एक से बढ़कर एक हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाए गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मध्य प्रदेश में एक ऐसी सड़क बनाई है, जिसे अब तक की सबसे खास तकनीक मानी जा रही है. प्राधिकरण का कहना है कि इस सड़क पर चलते समय आसपास के वातावरण को साउंड प्रूफ बनाए रखने की कोशिश है, ताकि जंगली जानवरों को कोई परेशानी न हो. यह रास्ता जंगल के बीचोबीच और टाइगर रिजर्व के सुरक्षित एरिया से गुजरता है.

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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग 45 पर भोपाल-जबलपुर सेक्शन पर यह रास्ता तैयार किया है. यह एरिया वाइल्डलाइफ सेंसिटव है. लिहाजा यहां वातावरण को शांत रखने और वाहनों की स्पीड को कम रखने के लिए एनएचएआई ने अनोखी सड़क बनाई है. यह रास्ता वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से गुजरता है, जहां दर्जनों बाघों और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है. यही वजह है कि इस इलाके से गुजरने वाले वाहनों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है और इसी मद्देनजर यह सड़क डिजाइन की गई है.

एनएचएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि जानवरों और वाहनों के बीच टकराव को रोकने के लिए एनएच-45 पर खास डिजाइन वाली सड़क बनाई गई है. प्राधिकरण का कहना है कि इस सड़क पर खास लेयर बनाई गई है, जो वाहनों के टायर की आवाज को काफी हद तक खत्म कर देती है. साथ ही इस सड़क पर वाहन चालक न चाहते हुए भी धीमे चलने के लिए मजबूर हो जाएंगे, क्योंकि सड़क के डिजाइन को काफी हद तक ब्रेकर की तरह बनाया है.

एनएचएआई ने इस सड़क को लाल रंग की सतह से कवर किया है. इसका रंग लाल इसलिए रखा गया है, ताकि यहां इंटर करते ही वाहन चालकों को सावधानी से चलने का संकेत मिल जाए. यह लाल रंग की सतह 5 मिलीमीटर मोटी है. इसका डिजाइन और कलर वाहन चालकों को वाइल्डलाइफ के प्रति सचेत कर देता है और वे इस रास्ते पर सावधानी से वाहन चलाते हैं. वाहन चालकों को साफ संदेश दिया गया है कि इस सड़क पर आते ही स्पीड कम कर लें और जंगली जानवरों की सुविधा को देखते हुए वाहन चलाएं.

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प्राधिकरण ने बताया है कि इस रास्ते से रात में जंगली जानवर गुजरते हैं और अगर वाहनों की स्पीड ज्यादा रहेगी तो हादसे की आशंका भी बढ़ जाएगी. यही वजह है कि टाइगर रिजर्व के इस इलाके में खास तरह की सड़क बनाई गई है, ताकि यहां इंटर करते ही वाहनों की स्पीड कम हो जाएगी. वाहन चालकों को साफ कहा गया है कि इस रास्ते पर ध्यान देकर वाहन चलाएं. यहां से जंगली जानवर गुजरते हैं तो धीमे और सावधानी से चलें, ताकि जानवरों से टक्कर न होने पाए.

एनएचएआई ने इस रास्ते पर सफेद रंग की पट्टियों वाला साइन बोर्ड भी लगाया है. प्राधिकरण का कहना है कि वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क किनारे सफेद रंग के सोल्डर वाला बोर्ड लगाया है. यह बोर्ड बताता है कि वाहन चालकों को सड़क पर बनी सफेद रंग की पट्टी के बीच से ही गुजरना चाहिए और उन्हें जंगल के रास्ते पर जाने से बचना चाहिए, ताकि कोई हादसा न हो सके. वाहन चालकों को इस रास्ते पर रात में खासतौर से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

प्राधिरकण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए 25 वाइल्डलाइफ अंडरपास बनाए हैं. इसका मकसद जंगली जानवरों के लिए गलियारा तैयार करना है, ताकि वे सड़क पर आने के बजाय अंडरपास से गुजरकर इधर से उधर जा सकें. इस अंडरपास का मकसद जंगली जानवरों और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है. यह एरिया वाइल्डलाइफ के तहत संरक्षित है. लिहाजा एनएचएआई ने सड़कों को सुरक्षित रखते हुए जानवरों के गुजरने के लिए गलियारा बनाया है.

राष्ट्रीय राजमार्ग 45 मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ तक जाता है और इसकी कुल लंबाई करीब 650 किलोमीटर है. यह हाईवे साल 2016 में ही तैयार किया गया था, लेकिन इसके भोपाल-जबलपुर सेक्शन को दोबारा बनाया जा रहा है. इस सेक्शन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पड़ता है, जिसकी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्राधिकरण ने खास सड़क बनाई है. एनएच-45 मध्यप्रदेश के अब्दुल्लागंज से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तक जाता है. यह रास्ता बरेली, तेंदुखेड़ा, जबलपुर, कुंदम, शाहपुरा, डिंडोरी, पंडारिया और लोरहमी जैसे शहरों को भी जोड़ता है.

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