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Alwar Tilak Market Fire: अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित तिलक मार्केट में शुक्रवार सुबह एक बहुमंजिला दुकान की ऊपरी मंजिल पर स्थित पटाखों के गोदाम में भीषण आग लग गई. आग लगने से लगातार हुए धमाकों से पूरा बाजार सहम गया. इस हादसे में युवराज रेडीमेड की दुकान और पटाखों का गोदाम जलकर राख हो गया, जबकि नीचे की साड़ी की दुकान को समय रहते खाली करा लिया गया. गनीमत रही कि सुबह कम भीड़ होने से बड़ा हादसा टल गया. दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया. इस घटना के बाद घनी आबादी वाले बाजारों में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
Alwar Tilak Market Fire: अलवर के तिलक मार्केट में पटाखों के गोदाम में भीषण आग
अलवर: राजस्थान के अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक और व्यस्तम तिलक मार्केट में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा टल गया. तिलक मार्केट के एक बहुमंजिला भवन की ऊपरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई. आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप धारण किया कि देखते ही देखते उसने ऊपर बने पटाखों के गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया. गोदाम में रखे पटाखों में लगातार तेज धमाके होने लगे, जिसकी गूंज से पूरा बाजार सहम गया और आसपास के इलाके में भारी हड़कंप मच गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलक मार्केट के कॉर्नर पर स्थित इस भवन की निचली मंजिल पर साड़ी का व्यवसाय, दूसरी मंजिल पर ‘युवराज रेडीमेड’ की दुकान और तीसरी मंजिल पर पटाखों का अवैध या वैध गोदाम संचालित था. यह पूरी व्यावसायिक फर्म ‘डोगर दास बिहार दास’ के नाम से बताई जा रही है, जिसके मालिक हरीश हैं. आग लगने के कारण रेडीमेड दुकान और पटाखों के गोदाम में रखा लाखों रुपए का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया. वहीं, एहतियात के तौर पर नीचे स्थित साड़ी की दुकान का सारा सामान सुरक्षित बाहर निकलवाकर खाली करा लिया गया.
गनीमत रही कि सुबह के समय थी कम भीड़
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गनीमत यह रही कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ, जब बाजार में आम दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ थी. यदि यह भीषण आग दोपहर या शाम के समय, अत्यधिक भीड़भाड़ के दौरान लगती, तो जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था. कम भीड़ होने के कारण दमकल विभाग की गाड़ियों को भी घटनास्थल तक पहुंचने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और समय रहते राहत कार्य शुरू हो गया.
दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के अभियान में जुट गईं. दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन मलबे और जले हुए पटाखों में दोबारा चिंगारी सुलगने की आशंका के चलते वे लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस दुर्घटना में 5 से 10 लाख रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासनिक जांच के बाद ही सटीक आकलन सामने आ पाएगा.
इस घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था और घनी आबादी वाले बाजारों में पटाखों के भंडारण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में इस तरह भारी मात्रा में आतिशबाजी का स्टॉक रखना आम जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं कि पटाखों के भंडारण के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं.