अयोध्या में दिवाली पर गुड़िया का परिवार बना रहा लक्ष्मी-गणेश की आकर्षक मूर्तियां, त्योहार के सीजन में होती लाखों में कमाई

अयोध्या में दिवाली पर गुड़िया का परिवार बना रहा लक्ष्मी-गणेश की आकर्षक मूर्तियां, त्योहार के सीजन में होती लाखों में कमाई


Last Updated:

अयोध्या के कुम्हार परिवार भी अपनी पारंपरिक कला के जरिए दीपावली की रौनक बढ़ाने में जुटे हैं. कई दशकों से मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने वाले कुम्हार परिवारों के लिए दीपावली का त्योहार खास महत्व रखता है. इस अवसर पर उनके द्वारा तैयार की गई मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की खूब मांग रहती है. लोग इन प्रतिमाओं को अपने घर ले जाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं.

ख़बरें फटाफट

Top Deals Inside

अयोध्या: राम की नगरी अयोध्या में दीपावली को भव्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है. वहीं अयोध्या के कुम्हार परिवार भी अपनी पारंपरिक कला के जरिए दीपावली की रौनक बढ़ाने में जुटे हैं. कई दशकों से मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने वाले कुम्हार परिवारों के लिए दीपावली का त्योहार खास महत्व रखता है. इस अवसर पर उनके द्वारा तैयार की गई मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की खूब मांग रहती है. लोग इन प्रतिमाओं को अपने घर ले जाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं.

दीपावली को देखते हुए अयोध्या के कुम्हार परिवारों के घरों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. कहीं प्रतिमाओं को आकार दिया जा रहा है. तो कहीं उन पर आकर्षक रंगों से पेंटिंग की जा रही है. कुम्हार परिवारों का कहना है कि इस बार वे विशेष रूप से सुंदर और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी. उनका मानना है कि एक ओर अयोध्या लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगी, तो दूसरी ओर लक्ष्मी-गणेश की रंग-बिरंगी प्रतिमाएं भी त्योहार की रौनक बढ़ाएंगी.

10 साल से बना रहे प्रतिमा

गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं का निर्माण करने वाली गुड़िया ने बताया कि उनका परिवार पिछले 10 वर्षों से प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहा है. दीपावली को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. इस बार भी सुंदर और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि दीपावली के सीजन में प्रतिमाओं की बिक्री से अच्छी आमदनी होती है और एक सीजन में लगभग दो से ढाई लाख रुपये तक की बचत हो जाती है. प्रतिमाएं बनाने और उन्हें आकर्षक रूप देने में उन्हें खुशी मिलती है.

खुद से पेंटिंग करती हैं

कुम्हार परिवार की प्रेम देवी ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं बना रही हैं. परिवार के सदस्य खुद प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं और फिर उनकी पेंटिंग करके उन्हें तैयार करते हैं. इसके बाद अयोध्या में दुकान लगाकर प्रतिमाओं की बिक्री की जाती है. उन्होंने बताया कि दीपावली के अवसर पर लोग बड़ी संख्या में प्रतिमाएं खरीदते हैं, जिससे परिवार की आमदनी में वृद्धि होती है. इस बार वे मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के साथ हनुमान जी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि की प्रतिमाएं भी बना रहे हैं.

चंद्रावती ने बताया कि दीपावली को लेकर उनके परिवार में तैयारियां चल रही हैं. मिट्टी से प्रतिमाएं बनाने के बाद उनकी बारीकी से पेंटिंग की जाती है. रंगों और सजावट के जरिए प्रतिमाओं को आकर्षक स्वरूप दिया जाता है. प्रतिमाएं तैयार होने के बाद दुकान लगाकर उनकी बिक्री की जाती है. उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इस काम से जुड़े होने के कारण उन्हें यह कला बेहद पसंद है. दीपावली के दौरान प्रतिमाओं की मांग बढ़ने से आमदनी भी अच्छी होती है.



Source link