जयपुर पुलिस ने खोला फ्लैट नंबर 901 की मोना के मर्डर का राज, शक के फेर में हो गई थी हत्या का शिकार

जयपुर पुलिस ने खोला फ्लैट नंबर 901 की मोना के मर्डर का राज, शक के फेर में हो गई थी हत्या का शिकार


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Jaipur Live-in Relationship Murder Case : जयपुर की पत्रकार थाना पुलिस ने चार दिन पहले आमोर रेजीडेंसी में हुई मोना जाटव की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने हत्या के आरोपी मोना जाटव के लिव इन पार्टनर युगराज सिंह उर्फ युवराज सिंह उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया है. वह दिल्ली भागने की फिराक में था. बीते चार दिन से वह बसों में एक शहर से दूसरे शहर घूम रहा था. पुलिस के अनुसार उसने मोना की हत्या करना कबूल लिया है.

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जयपुर की पत्रकार थाना पुलिस की गिरफ्त में आरोपी युगराज सिंह उर्फ युवराज सिंह.

जयपुर. जयपुर के पत्रकार कॉलोनी के रामपुरा स्थित आमोर रेजीडेंसी में महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए आरोपी गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी और हत्या की शिकार हुई महिला दोनों बीते करीब दो साल से लिव इन रिलशेनशिप में थे. लेकिन पुरुष पार्टनर को शक था कि उसकी महिला पार्टनर मोना जाटव किसी दूसरे शख्स के संपर्क में है. बस इसी शक ने उनके दिल में इतना गुस्सा भर दिया कि उसने महिला मित्र की जान ले ली. बाद में लाश को वहीं छोड़कर फरार हो गया. लेकिन पुलिस ने महज चार दिन के भीतर आरोपी युगराज सिंह उर्फ युवराज सिंह को दबोच लिया है.

जयपुर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आरोपी युगराज सिंह उर्फ युवराज सिंह उर्फ दीपक है. उसे भरतपुर के बी नारायण गेट से गिरफ्तार किया गया है. वह पुलिस को गुमराह करने के लिए दिल्ली, आगरा और भरतपुर के बीच बसों में घूमता रहा. उसके बाद वह फिर से दिल्ली भागने की फिराक में था. लेकिन उससे पहले ही वह पुलिस के शिकंजे में आ गया. उसने चार दिन पहले अपनी लिव इन पार्टनर मोना जाटव को मौत के घाट उतार दिया था. मोना का शव 19 अक्टूबर को आमोर रेजीडेंसी के फ्लैट नंबर 901 में पड़ा मिला था.
मोना का किसी दूसरे शख्स से संपर्क का था शक
इस संबंध में मृतका मोना के भाई पारुल सिंह की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज किया गया था. मोना जाटव भरतपुर जिले के नगला परशुराम की रहने वाली थी. मोना जाटव की 2015 में शादी हुई थी. उसके 2 बच्चे हैं. लेकिन पति से अनबन के बाद वह आरोपी युवराज सिंह के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लग गई थी. पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे. लेकिन इस बीच युगराज के मन में मोना के प्रति शक की भावना घर गई थी. उसे लगता था कि मोना किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत करती है. वह उसे धोखा दे रही है. इसी शक के चलते उसने मोना को मार डाला.

आरोपी सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता से पकड़ा गया
वारदात के बाद युगराज फोन बंद कर फरार हो गया. इस बीच पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज के निर्देशन में पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस हत्या का राज खोलने में जुटी रही. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता से उसका पीछा किया और आखिरकार उसे भरतपुर से दबोच लिया गया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की वारदात कबूल कर ली है. आरोपी से अभी और पूछताछ की जा रही है. उसके बाद ही हत्या से जुड़े पूरे मामले की सभी परतें खुल पाएंगी.



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