बंगाल की खाड़ी में फिर जागा समुद्री राक्षस, सबको निगलने के लिए है बेताब
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Bay of Bengal Cyclone: बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान दस्तक देने लगा है. अगले सप्ताह लो प्रेशर के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. यदि ऐसा होता है तो तटवर्ती राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ ही तेज हवा चल सकती है. बंगाल की खाड़ी में इस साल कई बार लो प्रेशर बनने की घटनाएं हो चुकी हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने अब एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में नया तूफान सक्रिय होने की संभावना जताई है. पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसों राज्यों में इसका व्यापक असर पड़ सकता है. (सभी फोटो: PTI)
Bay of Bengal Cyclone: भारत में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. उत्तर और पूर्वी भारत में जहां सर्दियों के मौसम ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. वहीं, दक्षिण भारत में नॉर्थईस्ट मानसून के एक्टिव होने से तमिलनाडु, केरल समेत कुछ अन्य राज्यों में ताबड़तोड़ बारिश हो रही है. तमिलनाडु में चेन्नई से लेकर मदुरै तक जोरदार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने अभी और तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. वहीं, अब बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान के पनपने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की तल्की और बढ़ सकती है.
बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली 24 अक्टूबर तक डिप्रेशन और 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब में बदल सकती है. इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश हो सकती है.
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने शुक्रवार को बताया कि अगले दो दिनों के दौरान यह मौसम प्रणाली उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकती है. इसके प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. तटीय इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
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आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से शुक्रवार को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ. इसके उसी क्षेत्र में बने रहने और शनिवार तक अवदाब में तीव्र होने की संभावना है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 25 अक्टूबर को डीप डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है.
मौसम प्रणाली के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश होने का अनुमान है. तमिलनाडु और केरल के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण शुक्रवार को रायलसीमा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. 24 और 25 अक्टूबर को राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली चमकने की आशंका है. 26 अक्टूबर से राज्य के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है.
आंध्र प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम लोगों और किसानों को एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है. समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों से तत्काल तट पर लौटने का आग्रह किया गया है. अधिकारियों ने मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है.
बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान दस्तक देने लगा है. अगले सप्ताह लो प्रेशर के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. यदि ऐसा होता है तो तटवर्ती राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ ही तेज हवा चल सकती है. बंगाल की खाड़ी में इस साल कई बार लो प्रेशर बनने की घटनाएं हो चुकी हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने अब एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में नया तूफान सक्रिय होने की संभावना जताई है. पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसों राज्यों में इसका व्यापक असर पड़ सकता है.