Swiggy Share Price Today: एक दिन में 14% से ज्यादा टूटे शेयर, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट, निवेशक क्या करें

Swiggy Share Price Today: एक दिन में 14% से ज्यादा टूटे शेयर, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट, निवेशक क्या करें


फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी के शेयरों में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारी गिरावट देखने को मिली. सितंबर तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 14% से ज्यादा टूट गया. फरवरी 2025 के बाद यह शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है. गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए थे, जिसमें उसे एक बार फिर घाटा नजर आया. नतीजों के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और शेयर अपने रिकॉर्ड लो लेवल के करीब पहुंच गया.

स्विगी के शेयरों में गिरावट की एक बड़ी वजह कंपनी की ग्रोथ को लेकर बढ़ती चिंता है. फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स, दोनों कारोबार में कंपनी अपने कॉम्टिटर्स ईटरनल (जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी) से पीछे नजर आ रही है. इसके अलावा, इंस्टामार्ट के कारोबार की रफ्तार और मुनाफे तक पहुंचने में लगने वाले समय पर भी सवाल उठ रहे हैं. ब्रोकरेज फर्मों ने इन चिंताओं के बीच शेयर के टारगेट प्राइस घटाए हैं. हालांकि, कुछ ब्रोकरेज अब भी मानते हैं कि लंबी अवधि में कंपनी के फूड डिलीवरी कारोबार में दम है. न्यूज18 इंडिया ने कई एक्सपर्ट्स से शेयर पर बातचीत की है.

धीमी हुई स्विगी की ग्रोथ

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, स्विगी की ग्रोथ फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स, दोनों सेक्टर्स में ईटरनल से धीमी है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ईटरनल के फूड डिलीवरी कारोबार की ग्रोस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में सालाना आधार पर 21.7% की बढ़ोतरी हुई, जबकि स्विगी की ग्रोथ 17.5% रही. क्विक कॉमर्स में भी अंतर साफ दिखाई दे रहा है. पहली छमाही में स्विगी के इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू 37% बढ़ी, जबकि ब्लिंकिट की ग्रोथ 83% रही. सितंबर तिमाही में ब्लिंकिट के एक डार्क स्टोर पर रोजाना ऐवरेज 1,611 ऑर्डर आए, जबकि इंस्टामार्ट में यह आंकड़ा 1,168 रहा. स्टोर विस्तार में भी ब्लिंकिट आगे रहा. तिमाही के दौरान उसने 508 नए स्टोर जोड़े, जबकि इंस्टामार्ट ने 97 स्टोर बढ़ाए.

ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट

स्विगी के कमजोर प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ को लेकर चिंताओं के बीच कई ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस कम किया है.

मोतीलाल ओसवाल: टारगेट ₹360 से घटाकर ₹280 किया, लेकिन Buy रेटिंग बरकरार रखी.

Citi: टारगेट ₹330 किया और Buy रेटिंग जारी रखी.

HSBC: टारगेट ₹315 से घटाकर ₹240 किया और Hold रेटिंग दी.

CLSA: टारगेट घटाकर ₹262 किया, जबकि Outperform रेटिंग बरकरार रखी.

Nomura: शेयर का टारगेट ₹300 रखा.

मोतीलाल ओसवाल का ₹280 का टारगेट गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 32% की संभावित बढ़त दिखाता है. हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है, शेयर में इतनी बढ़त की गारंटी नहीं है.

इंस्टामार्ट के घाटे और मुनाफे पर बढ़ी चिंता

स्विगी के क्विक कॉमर्स कारोबार इंस्टामार्ट को लेकर ब्रोकरेज की चिंता बढ़ रही है. मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषण के मुताबिक, कमजोर ग्रोथ और मुनाफे तक पहुंचने में लगने वाले लंबे समय के कारण इंस्टामार्ट का मौजूदा वैल्यूएशन नेगेटिव आंका गया है.

ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू की सालाना औसत ग्रोथ का अनुमान 38% से घटाकर 32% कर दिया है, कंपनी की ग्रोथ धीमी रहने से खर्च के मुकाबले कमाई बढ़ने में ज्यादा समय लग सकता है और घाटा लंबे समय तक जारी रह सकता है.

HSBC का भी मानना है कि दूसरी तिमाही में कुछ ऑपरेटिंग आंकड़ों में सुधार हुआ है, लेकिन इससे कंपनी की लंबी अवधि की योजनाओं पर भरोसा मजबूत करने के लिए पर्याप्त संकेत नहीं मिलते. फूड डिलीवरी में बाजार हिस्सेदारी घटना और क्विक कॉमर्स में बढ़ता कॉम्टिशन भी चिंता है.

एनालिस्ट ने क्या राय दी?

Rupeezy (SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म) के डायरेक्टर शीर्शम गुप्ता के मुताबिक, स्विगी के शेयरों में बड़ी गिरावट से साफ है कि अब निवेशक सिर्फ कंपनी की कमाई बढ़ने के बजाय मुनाफे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36% बढ़ा, लेकिन उसका नेट लॉस बढ़कर 922 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, इंस्टामार्ट का एडजस्टेड EBITDA घाटा 895 करोड़ रुपये रहा। ऐसे में जब तक स्विगी अपने खर्चों पर काबू पाने और मुनाफे में सुधार करने में सफल नहीं होती, तब तक शेयर को लेकर निवेशकों का रुख सतर्क रह सकता है. निवेशकों को शेयर खरीदने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, भविष्य में मुनाफा कमाने की क्षमता, कैश फ्लो और कारोबार से जुड़े रिस्क को समझना चाहिए. सिर्फ शेयर का भाव गिर जाने से वह निवेश के लिए अच्छा विकल्प नहीं बन जाता. शेयर में रिकवरी के लिए कंपनी को अपने कारोबार से होने वाली कमाई और मुनाफे में सुधार करना होगा.

फूड डिलीवरी कारोबार से उम्मीद, लेकिन निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक, स्विगी का फूड डिलीवरी कारोबार आगे भी कंपनी के लिए कमाई का प्रमुख जरिया बना रह सकता है. अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027-28 में इस कारोबार से ₹1,300 करोड़ से ₹1,900 करोड़ तक EBITDA मिल सकता है.हालांकि, क्विक कॉमर्स कारोबार के मुनाफे को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है. Citi के अनुसार, स्विगी फूड डिलीवरी की पहुंच बढ़ाने के लिए Toing जैसी सर्विसेस पर काम कर रही है. वहीं, इंस्टामार्ट में अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट जोड़कर ग्राहकों को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)



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