सिर्फ सनातन धर्म मानने वाले विसर्जन के दौरान छुएंगे मां दुर्गा की प्रतिमाएं, सुवेंदु अधिकारी का नया फरमान; निगरानी में 18 IPS तैनात


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सनातन धर्म मानने वाले विसर्जन के दौरान छुएंगे मां दुर्गा की प्रतिमाएं: सुवेंदु

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पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिमाओं को छूने वालों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. कोलकाता और आसपास के इलाकों में 18 आईपीएस अधिकारी तैनात किए गए हैं. टाकी में छोटी नावों पर सवार लोगों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. जानें पूरी बात.

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सनातन धर्म मानने वाले विसर्जन के दौरान छुएंगे मां दुर्गा की प्रतिमाएं: सुवेंदुZoom

दुर्गा विसर्जन के दौरान कौन छुएगा प्रतिमा? सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस को दिया निर्देश, सुरक्षा में 18 IPS तैनात

पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने धार्मिक परंपराओं और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि हुगली नदी में विसर्जन के दौरान सिर्फ सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग ही मां दुर्गा की प्रतिमाओं को छुएंगे. मुख्यमंत्री ने कोलकाता के बाबूघाट पहुंचकर विसर्जन की तैयारियों का जायजा भी लिया है . इस दौरान कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद रहीं. प्रशासन ने विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है.

प्रतिमाओं को छूने वालों की होगी पहचान

मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि हुगली नदी में प्रतिमाओं को ले जाने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि केवल सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग ही प्रतिमाओं को छुएंगे. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को सांप्रदायिक मामला मानने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि विसर्जन की पवित्रता बनाए रखने के लिए उन धार्मिक परंपराओं, शास्त्रों और नियमों का पालन करना जरूरी है, जिनका हजारों वर्षों से अनुसरण किया जा रहा है. उनके मुताबिक, दुर्गा पूजा उत्सव के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम भी है.

क्रेन की जगह ट्रॉली, NDRF भी तैनात

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की जगह ट्रॉली की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी लगाया गया है. जरूरत पड़ने पर पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की मदद ली जाएगी. उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुगली नदी की सफाई की जाएगी. बाबूघाट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने नाव से हावड़ा की ओर स्थित घाटों पर भी तैयारियों का जायजा लिया.

टाकी में 200 छोटी नावों पर नजर

उत्तर 24 परगना जिले के टाकी में इच्छामती नदी पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन देखने के लिए करीब 200 छोटी नावों में लोगों के सवार होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था पर चिंता जताई. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस प्रथा को रोकने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा गया. सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने और नावों में वजन का संतुलन बनाए रखने जैसे उपाय किए गए हैं. हालांकि, अधिकतर नावें छोटी डिंगी होने के कारण खतरा बना हुआ है. टाकी में इंतजामों के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भी शामिल किया गया है. एक कैबिनेट मंत्री को इलाके में भेजा गया है और बरासात रेंज के डीआईजी को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

भगदड़ में 19 मौतों के बाद सुरक्षा सख्त

महासप्तमी की शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कोलकाता और आसपास के हावड़ा, बैरकपुर तथा चंदननगर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में विसर्जन की निगरानी के लिए 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है. इनमें 12 अधिकारी कोलकाता में और छह अन्य अधिकारी आसपास के तीन आयुक्तालय क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेंगे. सभी अधिकारी 21 से 24 अक्टूबर तक विसर्जन गतिविधियों पर नजर रखेंगे. उनके लिए अलग-अलग दिनों का ड्यूटी कार्यक्रम बनाया गया है. प्रशासन का जोर धार्मिक परंपराओं के पालन के साथ विसर्जन के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है.



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