हमलावर ने कार से बार-बार कुचला, दोनों पैर कटे, अपाहिज हो गईं ऑस्ट्रेलिया सांसद
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Australian MP Lost Both Legs: आमतौर पर सांसदों और विधायकों की इतनी सुरक्षा होती है कि कोई उन्हें यूं ही छू नहीं सकता लेकिन ऑस्ट्रेलिया में कुछ अलग ही घटना हुई है. यहां की एक सांसद को न सिर्फ एक कार से टक्कर मारी गई बल्कि तब तक कुचला गया जब तक उनके दोनों पैर बेकार नहीं हो गए.
ऑस्ट्रेलिया की एमपी को कार से कुचला. (रॉयटर्स)
Australian MP Lost Both Legs: ऑस्ट्रेलिया की निर्दलीय सांसद हेलेन हेन्स पर हुए हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. उनकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनके दोनों पैर काटने पड़े. उनके पति फिल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हेलेन की हालत फिलहाल स्थिर है और वह जीवित हैं. इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक माहौल और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
हेलेन के पति फिल ने बताया कि उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आई थीं. डॉक्टरों को उसी दिन उनका बायां पैर काटना पड़ा था लेकिन परिवार को उम्मीद थी कि दायां पैर बचाया जा सकेगा. हालांकि अब सर्जनों को उसे भी काटने का फैसला लेना पड़ा. फिल ने कहा कि इस मुश्किल समय में परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि हेलेन जीवित हैं और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.
कहां हुआ था हेलेन हेंस पर हमला?
19 अक्टूबर को विक्टोरिया राज्य के वांगाराटा में हेलेन हेन्स के निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय के बाहर हुई थी. पुलिस के मुताबिक हमले के आरोपी ब्रेंडन न्यूजन ने अपनी टोयोटा लैंडक्रूजर गाड़ी से सांसद को टक्कर मारी थी. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को जानबूझकर किया गया हमला बताया है. हालांकि इसके पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.
आरोपी को जमानत नहीं
43 साल के आरोपी को वांगाराटा मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया. उस पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाकर गंभीर चोट पहुंचाने, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने और एक पदाधिकारी को नुकसान पहुंचाने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा उस पर नशीला पदार्थ रखने का आरोप भी है. आरोपी ने जमानत के लिए आवेदन नहीं किया, जिसके बाद उसे हिरासत में रखा जाएगा.
राजनीतिक माहौल पर पुलिस ने जताई चिंता
ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस की आयुक्त क्रिसी बैरेट ने देश के राजनीतिक वातावरण को तनावपूर्ण और विस्फोटक बताया है। उन्होंने कहा कि सांसदों को लगातार मिल रही धमकियां गंभीर चिंता का विषय हैं. उनके मुताबिक जनप्रतिनिधियों को धमकाने के मामलों में औसतन हर सप्ताह एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने बताया कि हमले से पहले ऐसी कोई विशेष खुफिया जानकारी नहीं थी, जिससे इस घटना का अंदाजा लगाया जा सके. अधिकारियों ने आरोपी के सोशल मीडिया पोस्ट और हमले के संभावित राजनीतिक संबंधों की भी जांच शुरू की है.