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उत्तराखंड के नैनीताल में दशहरे का पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया. नयना देवी मंदिर से मां दुर्गा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, वहीं डीएसए मैदान में शाम के समय राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन हुआ.
नैनीताल में दशमी के अवसर पर सर्बजनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से मां दुर्गा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. मां नयना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद डोला नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मां के जयकारे लगाए. पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला.
मां दुर्गा की शोभायात्रा के दौरान नयना देवी मंदिर परिसर के बाहर पुष्प वर्षा कर मां का स्वागत किया गया. श्रद्धालुओं ने फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की, मां के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही. धार्मिक परंपराओं के बीच यह दृश्य दशमी के उत्सव का खास आकर्षण बना और वातावरण भक्तिमय हो उठा.
दुर्गा महोत्सव की शोभायात्रा में भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों के साथ कुमाऊंनी छोलिया नृत्य ने लोगों का ध्यान खींचा. पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं. भक्ति गीतों और जयकारों के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ती रही. बंगाली धार्मिक परंपरा और कुमाऊंनी लोक संस्कृति का यह मेल नैनीताल की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता नजर आया.
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मां दुर्गा की शोभायात्रा में स्कूली बच्चों की झांकियों ने उत्सव की रौनक बढ़ाई. बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई. शोभायात्रा देखने पहुंचे लोगों ने झांकियों को उत्सुकता से देखा इस दौरान बच्चों ने मां का रूप, शिवजी का रूप और अन्य रूपों को धारण किया था. इस तरह नवरात्र ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया.
विजयदशमी पर मल्लीताल स्थित डीएसए मैदान में श्रीराम सेवक सभा की रामलीला के दौरान राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया. इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कलाकारों के संवाद और युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया. लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया. रामलीला के जरिए भगवान श्रीराम की विजय का प्रसंग जीवंत हो उठा.
रामलीला में भगवान श्रीराम की जीत के बाद डीएसए मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया. पुतलों में आग लगते ही मैदान में जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे. इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही. विजयदशमी के इस आयोजन ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया.
रावण दहन के दौरान डीएसए मैदान में आतिशबाजी ने इस उत्सव को और यादगार बना दिया. आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और दर्शकों ने इस नजारे को अपने फोन में कैद किया. वहीं बच्चों से लेकर बड़ों तक में दशहरे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया. परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने रामलीला और पुतला दहन का आनंद लिया.
नैनीताल में दशहरे पर मां दुर्गा की शोभायात्रा और रावण दहन ने धार्मिक उत्सव की अलग-अलग छटाएं पेश कीं. एक ओर बंगाली और कुमाऊंनी संस्कृति का संगम दिखा, तो दूसरी ओर रामलीला के जरिए सत्य और धर्म की जीत का संदेश मिला. शहरवासियों ने उत्साह के साथ पर्व मनाया. मां दुर्गा की विदाई और रावण दहन की यादगार झलकियों ने दशहरे को खास बना दिया.