शेफाली वर्मा पर आईसीसी की टेढ़ी नजर, रायपुर में ‘बॉल कांड’ के बाद ओपनर पर एक्शन, अब गलती की कोई गुंजाइश नहींं

शेफाली वर्मा पर आईसीसी की टेढ़ी नजर, रायपुर में ‘बॉल कांड’ के बाद ओपनर पर एक्शन, अब गलती की कोई गुंजाइश नहींं


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shefali verma fined by icc: शेफाली को खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के उपकरणों, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या मैदान से जुड़ी अन्य वस्तुओं के साथ अनुचित व्यवहार करने से संबंधित है. इस कार्रवाई के साथ ही शेफाली के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है. पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है.

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शेफाली वर्मा को आईसीसी ने पाया दोषी

नई दिल्ली. भारतीय महिला टीम के धाकड़ ओपनर  शेफाली वर्मा को रविवार को रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए दूसरे महिला टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 का उल्लंघन करने के लिए आधिकारिक फटकार लगाई गई है. तीसरा टी-20 शुरु होने से पहले आई इस खबर से भारतीय टीम अब खासी सतर्क हो कर खेलने उतरेगी.

शेफाली को खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के उपकरणों, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या मैदान से जुड़ी अन्य वस्तुओं के साथ अनुचित व्यवहार करने से संबंधित है. इस कार्रवाई के साथ ही शेफाली के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है. पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है.

कैच छूटा और अब मिली सजा

यह घटना जिम्बाब्वे की पारी के 12वें ओवर में हुई. श्री चरणी की गेंद पर शेफाली ने मिड ऑफ पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो का कैच छोड़ दिया. कैच छूटने से निराश शेफाली ने गुस्से में गेंद को जमीन पर पटक दिया. इसी घटना को लेकर उन पर आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया. शेफाली ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और आईसीसी की अंतरराष्ट्रीय मैच रेफरी पैनल की सदस्य जीएस लक्ष्मी द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया. इसके चलते मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.मैदान पर मौजूद अंपायर वृंदा राठी और गायत्री वेणुगोपालन, तीसरे अंपायर अन्ना हैरिस और चौथे अंपायर जननी नारायणन ने शेफाली पर आरोप लगाया था.

क्या है लेवल-1 के उल्लंघन की सजा?

आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन पर खिलाड़ी को न्यूनतम आधिकारिक फटकार और अधिकतम मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा खिलाड़ी के खाते में एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी जोड़े जा सकते हैं. आईसीसी के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हासिल करता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. दो सस्पेंशन पॉइंट मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे या दो टी20 इंटरनेशनल मैचों से प्रतिबंधित किया जाता है, जो भी पहले हो. डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में उन्हें दिए जाने की तारीख से 24 महीने तक बने रहते हैं. इसके बाद उन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाता है.



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