Pali News: करोड़ों का पैकेज भूलकर स्कूल में दौड़े युवा, पाली में ऐसा क्या हुआ कि लौट आया बचपन?

Pali News: करोड़ों का पैकेज भूलकर स्कूल में दौड़े युवा, पाली में ऐसा क्या हुआ कि लौट आया बचपन?


पाली. अक्सर हम जिंदगी की भागदौड में अपनों से दूर होकर बस यही कहते सुने जाते हैं कि ‘काश, वो बचपन के दिन लौट आते… वो एक साथ पढ़ना, एक ही टिफिन शेयर करना और स्कूल के मैदान में बेफिक्र होकर दौड़ लगाना. कहते हैं कि वक्त बीत जाता है, लेकिन यादें हमेशा दिल के किसी कोने में जिंदा रहती है. पाली के एमएस कंवर स्कूल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां पुरानी यादें सिर्फ ताजा ही नहीं हुईं, बल्कि हर चेहरा फिर से वही मासूम बच्चा बन गया. जीतो पाली यूथ की तरफ से ‘बैक टू स्कूल’ थीम के तहत एक बेहद अनोखा और दिल छू लेने वाला आयोजन किया गया.

इस इवेंट की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि आज एक ही खेल मैदान पर पाली के वो युवा साथ नजर आए, जो कभी एक साथ स्कूल में पढ़ा और खेला करते थे. आज इनमें से कोई बहुत बड़ा इंजीनियर है, कोई नामी डॉक्टर, कोई सफल CA, तो कोई बिजनेसमैन. कोई लाखों तो कोई करोड़ों के पैकेज संभाल रहा है. लेकिन आज मैदान में उतरते ही, इन बड़े-बड़े पदों, डिग्रियों और पैकेज का दायरा खत्म हो गया. इस पूरे इवेंट में अपनी बहरीन एंकरिंग से राजस्थान के जाने माने एंकर शैलेश भुरानी ने युवाओं में जोश भरने का काम किया.

वक्त का पहिया पीछे घुमा और मैदान में दौड़ा बचपन

जब रेसिंग ट्रैक पर सीटी बजी और ये सफल पेशेवर कोट-पेंट और औपचारिकताएं छोड़कर बच्चों की तरह ट्रैक पर दौड़ लगाते नजर आए, तो लगा जैसे सचमुच वक्त का पहिया पीछे घूम गया हो. हर किसी की आंखों में अपने वही पुराने दिन तैर गए और चेहरे पर वही बेफिक्र मुस्कान लौट आई, जो स्कूल के दिनों में हुआ करती थी. इवेंट के दौरान कई तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, लेकिन सबसे ज्यादा रोमांचक और जोशीला माहौल रेसिंग प्रतियोगिता के दौरान देखने को मिला. बचपन की पुरानी दोस्ती, मैदान की उड़ती धूल और खुलकर हंसने-ठिठोली करने के पल. सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में माना कि आज की इस व्यस्त और तनाव भरी जिंदगी के बीच इस तरह अपने पुराने दोस्तों से मिलना और कुछ घंटों के लिए ही सही, अपने बचपन को दोबारा जी लेना उनके जीवन का सबसे अनमोल और यादगार पल बन गया है.

बचपन की यादें फिर से ताजा हो गईं

इस पूरे आयोजन को लेकर जीतो पाली यूथ की सदस्य सेजल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “इस इवेंट की सबसे हैरान करने और खुश कर देने वाली बात यह रही कि इसमें हर फील्ड और हर कोने से लोग पहुंचे और बिना किसी झिझक के छोटे बच्चे बनकर प्रतियोगिताओं में उतरे. राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आए. यह सौ फीसदी सच है कि आज यहां आते ही हर किसी को अपने स्कूल के वो पुराने दिन और शैतानियां याद आ गई. स्कूल के समय में जो रेसिंग प्रतियोगिताएं, छोटी-मोटी नोंकझोंक और मार्च पास्ट हम किया करते थे, आज हमने उन सभी को फिर से जी लिया है. पाली के यूथ विंग के सभी सदस्यों ने मिलकर इस नायाब काम को सच कर दिखाया है.”

बचपन हमेशा रहता है दिल के सबसे करीब

इवेंट में हिस्सा लेने वाले इन ‘बड़े बच्चों’ ने जोश से भरे लहजे में कहा कि उन्होंने अपनी व्यस्त दिनचर्या से वक्त निकालकर बचपन के दिनों को जिस शिद्दत से याद किया है, उसे वे जिंदगीभर नहीं भूलेंगे. पाली की धरती पर सजे इस अनूठे ‘बैक टू स्कूल’ ने साबित कर दिया कि इंसान चाहे कितना भी आगे निकल जाए, पर उसका बचपन हमेशा उसके दिल के सबसे करीब रहता है.



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