IIT में कंप्यूटर साइंस की तरह मेडिकल में किस फील्ड की है सबसे ज्यादा डिमांड?

IIT में कंप्यूटर साइंस की तरह मेडिकल में किस फील्ड की है सबसे ज्यादा डिमांड?


Most Demanding Medical Specialisations After MBBS: भारत में इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने वाले ज्यादातर छात्रों का सपना आईआईटी (IIT) से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) की पढ़ाई करना होता है. इसी तरह मेडिकल की दुनिया में भी कुछ ऐसे कोर्स और स्पेशलाइजेशन हैं, जिन्हें छात्र सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. दरअसल, मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए NEET परीक्षा क्लियर कर सबसे पहले एमबीबीएस (MBBS) में एडमिशन लेना होता है. इसके बाद छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी खास बीमारी या इलाज से जुड़ी फील्ड में स्पेशलाइजेशन हासिल कर करते हैं. लेकिन ऐसे सवाल है कि आखिर मेडिकल में किन विषयों की डिमांड सबसे ज्यादा है और डॉक्टर बनने के लिए रोजाना कितने घंटे पढ़ाई करनी पड़ती है.

MBBS में किन विषयों की होती है पढ़ाई?

दरअसल, MBBS कोर्स में छात्रों को शरीर की बनावट, शरीर के अलग-अलग अंग कैसे काम करते हैं और बीमारियां क्यों होती हैं, जैसी कई चीजें पढ़ाई जाती हैं. शुरुआत में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. आगे चलकर दवाओं, बीमारियों की पहचान, इलाज और सर्जरी से जुड़ी पढ़ाई भी करनी होती है.

मेडिकल में किन फील्ड की है सबसे ज्यादा डिमांड?

मेडिकल की पढ़ाई में MBBS के बाद छात्र किसी स्पेसिफिक फील्ड में स्पेशलाइजेशन हासिल करते हैं, जिसके कई रास्ते हैं. जैसे IIT में कंप्यूटर साइंस छात्रों की पसंदीदा ब्रांच मानी जाती है, वैसे ही मेडिकल में भी कुछ स्पेशलाइजेशन छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

– एमडी जनरल मेडिसिन (MD General Medicine)
– डर्मेटोलॉजी (Dermatology)
– पीडियाट्रिक्स (Pediatrics)
– रेडियोडायग्नोसिस (Radiodiagnosis)
– एमएस जनरल सर्जरी (MS General Surgery)
– ऑर्थोपेडिक्स (Orthopedics)

दरअसल, डॉक्टर ऑफ मेडिसिन यानी एमडी (MD) और मास्टर ऑफ सर्जरी यानी एमएस (MS) के जरिए छात्र अलग-अलग फील्ड में स्पेशलाइजेशन हासिल कर सकते हैं. एमडी जनरल मेडिसिन (MD General Medicine) में शरीर की कई तरह की बीमारियों की पहचान और इलाज करना सिखाया जाता है. डर्मेटोलॉजी (Dermatology) में त्वचा से जुड़ी बीमारियों, पीडियाट्रिक्स (Pediatrics) में बच्चों की सेहत और रेडियोडायग्नोसिस (Radiodiagnosis) में एक्स-रे, सीटी स्कैन और MRI जैसी जांचों के जरिए बीमारी का पता लगाने की पढ़ाई होती है.

इसके अलावा सर्जरी, हड्डियों के इलाज, महिलाओं की सेहत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी फील्ड में भी करियर बनाया जा सकता है. एमएस जनरल सर्जरी (MS General Surgery) और ऑर्थोपेडिक्स (Orthopaedics) जैसे विकल्प उन छात्रों के लिए अच्छे हो सकते हैं, जिनकी रुचि ऑपरेशन और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में है.



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