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Udaipur Bribe Case ASP Mukesh Soni Refuses Voice Sample: उदयपुर के 2 करोड़ रुपये रिश्वतकांड में गिरफ्तार निलंबित एएसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह ने कोर्ट में अपने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया है. एसीबी दोनों को उदयपुर की अदालत में पेश कर ऑडियो रिकॉर्डिंग का मिलान कराना चाहती थी. शिकायतकर्ता का वॉयस सैंपल लिया जा चुका है. वहीं, मामले में शामिल एसओजी का रीडर जसवंत सिंह पिछले 18 दिनों से फरार चल रहा है जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है. यह पूरा मामला 272 प्लॉट घोटाले में एफआर लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने से जुड़ा है.
उदयपुर 2 करोड़ घूसकांड: ACB की कोर्ट में पेशी के दौरान ASP मुकेश सोनी और दलाल ने वॉइस सैंपल देने से किया साफ इनकार
Udaipur Bribe Case: राजस्थान के चर्चित दो करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के निलंबित एएसपी मुकेश कुमार सोनी और दलाल सज्जन सिंह ने अपनी आवाज के नमूने (Voice Samples) देने से साफ मना कर दिया है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम दोनों आरोपियों को उदयपुर की एनआई एक्ट कोर्ट-4 में पेश करने पहुंची थी. अदालत के सामने जब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने ऑडियो रिकॉर्डिंग से आवाजों के मिलान के लिए वॉइस सैंपल मांगे, तो दोनों ने इससे इनकार कर दिया.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि रिश्वत की डील के दौरान आरोपियों और पीड़ित के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी. एसीबी ने इस पूरे घटनाक्रम की ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की थी. मामले की मजबूती और कानूनी साक्ष्यों की पुष्टि के लिए एएसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह के वॉयस सैंपल बेहद अहम माने जा रहे थे. हालांकि, शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा का वॉयस सैंपल एसीबी की टीम पहले ही दर्ज कर चुकी है.
18 दिनों से फरार चल रहा है SOG रीडर
जांच अधिकारी और एसीबी के एएसपी महावीर सिंह ने बताया कि रिश्वतकांड की परतें खोलने में जुटी टीम लगातार दबिश दे रही है. इस मामले में एसओजी कार्यालय में तैनात रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिनों से लगातार फरार चल रहा है. पुलिस और एसीबी की टीमें आरोपी रीडर के घर और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है. जांच एजेंसियों का मानना है कि रीडर जसवंत की गिरफ्तारी के बाद इस घूसकांड से जुड़े कई और बड़े राज बाहर आ सकते हैं.
272 प्लॉट घोटाले की फाइल बंद करने का था खेल
उदयपुर का यह पूरा मामला भू-माफिया और 272 प्लॉटों से जुड़े एक बड़े घोटाले से संबंधित है. आरोप है कि एसओजी की जांच के घेरे में आए इस मामले में एफआर (Final Report) लगाने और जब्त किए गए दस्तावेजों व सामान को वापस लौटाने के एवज में 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी. एसीबी ने पहले जाल बिछाकर दलाल सज्जन सिंह को रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद मामले के तार एएसपी मुकेश सोनी से जुड़े पाई गए. इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए मुकेश सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था.