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Atar Singh Bhadana Murder Case: भरतपुर के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश फौजी को पुलिस ने करौली से गिरफ्तार किया है. वह करौली के रास्ते धौलपुर भागने की कोशिश में था. आरोपी भारतीय सेना से 15 साल सेवा के बाद रिटायर्ड होकर गांव लौटा था और चारागाह भूमि आंदोलन का नेतृत्व कर रहा था. एसपी राजेश मीणा आरोपी से वैर थाने में पूछताछ कर रहे हैं जिससे अन्य फरार आरोपियों का सुराग मिलने की संभावना है. आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन का नोटिस भी जारी हुआ था.
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड : कौन है पुलिस के शिकंजे में आया मुख्य आरोपी मुकेश फौजी?
भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले का मुख्य आरोपी मुकेश पुत्र हरज्ञान सिंह, जिसे लोग ‘मुकेश फौजी’ के नाम से जानते हैं, उसे पुलिस ने धर दबोचा है. आरोपी मुकेश फौजी वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहा था. पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि वह करौली जिले के रास्ते धौलपुर भागने की फिराक में है. इस सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए भरतपुर पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने पुलिस टीमों को तुरंत रवाना किया और करौली में घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया.
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस मुख्य आरोपी मुकेश फौजी को वैर थाने लेकर पहुंची. वहां एसपी राजेश मीणा, एएसपी धर्मेंद्र यादव और जांच अधिकारी कैलाश चौधरी की मौजूदगी में उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि मुकेश से पूछताछ के बाद हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज बेनकाब होंगे. पुलिस प्रशासन आरोपी से वार्तालाप करवाकर इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
कौन है मुख्य आरोपी मुकेश फौजी?
मुकेश फौजी भरतपुर जिले के बयाना इलाके के भौंडा गांव का ही निवासी है, जहां पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना को लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से मौत के घाट उतारा गया था. मुकेश ने भारतीय सेना में करीब 15 साल तक देश सेवा की थी. फौज से सेवानिवृत्त होकर जब वह अपने गांव भौंडा लौटा, तो धीरे-धीरे गांव की सक्रिय राजनीति में हाथ आजमाने लगा. इसी दौरान गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें उसने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. देखते ही देखते वह इस आंदोलन का मुख्य कर्ता-धर्ता और सर्व-सर्वा बन गया. पिछले लगभग दो सालों से गांव के लोग उसके नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे थे.
बुलडोजर एक्शन से ठीक पहले हुई गिरफ्तारी
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) में भी मुकेश फौजी को नामजद किया गया था. हत्या की घटना के बाद आरोपी के फरार होने पर पुलिस प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर चलाने का नोटिस जारी किया था. इस बुलडोजर कार्रवाई की समय सीमा पूरी होने से ठीक पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब आरोपी की पूरी क्राइम कुंडली खंगाल रही है. इस मामले में पहले भी पांच आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जा चुका है और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें तेजी से खुलने की उम्मीद है.