भारतीय माता-पिता के बेटे इमरान खान कैसे बने व‍िदेशी, इंड‍ियंस को कैसे म‍िलती है अमेरिकी नागरिक?

भारतीय माता-पिता के बेटे इमरान खान कैसे बने व‍िदेशी, इंड‍ियंस को कैसे म‍िलती है अमेरिकी नागरिक?


सीईसी प्रोटेस्‍ट में शामिल हुए एक्‍टर इमरान खान को भारत छोड़ने का नोट‍िस म‍िलने के बाद ये सवाल उठने लगे कि आखिर भारतीय फिल्‍मों का हिस्‍से रहे, आमिर खान के भांजे कब से व‍िदेशी नागरिक हो गए. इमरान खान के पास अमेर‍िकी नागरिकता है और यही वजह है कि उनके पास भारत में हो रहे विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार नहीं है. पर इमरान खान अमेर‍िकी नागरिक कैसे बने? क्‍या उन्‍होंने खुद ये नागरिकता ली है या उनके परिवार का संबंध अमेर‍िका से है? चल‍िए समझते हैं कि एक भारतीय नागरिक क‍िन-क‍िन तरीकों से अमेरिका की नागरिकता पा सकता है.

इमरान खान कैसे बने अमेरिकी नागरिक?
असल में इमरान खान को अमेरिकी नागरिकता जन्‍म के आधार पर म‍िली है. उनका जन्‍म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्‍कॉन्‍सिन राज्‍य के मैड‍िसन शहर में हुआ था. हालांकि इमरान के दादा कोलकाता के बंगाली थे, ज‍िन्‍होंने एक ब्र‍िट‍िश महिला से शादी की थी. इमरान के पिता अनिल पाल आईआईटी बॉम्‍बे से पढ़े हैं और उन्‍होंने मशहूर फिल्‍म निर्माता-निर्देशक मंसूर खान की बहन नुजहत खान से शादी की थी.

(फोटो साभार: Instagram/lekhawashington)

अमेरिकी एंबेस्‍सी के अनुसार अमेरिकी नागरिकता 2 तरीके से म‍िल सकती है. पहली जन्‍म के माध्‍यम से और दूसरी नेचुरलाइजेशन से. पहले समझते हैं जन्‍म के आधार पर ये नाग‍िरकता कैसे म‍िलती है.

जन्‍म के आधार पर म‍िलती है नागरिकता
अमेरिका में पैदा होने पर- अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के अनुसार, जो भी बच्चा संयुक्त राज्य अमेरिका या उसके अधीन क्षेत्रों में पैदा होता है, वह अपने आप ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है. चाहे उसके माता-पिता अमेरिकी हों या न हों. इसे ‘बर्थराइट सिट‍िजनशिप कहते हैं. हालांकि इससे माता-पिता को तुरंत नागरिकता नहीं म‍िलती है, उन्‍हें ग्रीनकार्ड प्रक्र‍िया करनी पड़ती है.
अमेरिकी माता-पिता का बच्‍चा- अगर कोई बच्‍चा अमेरिका में पैदा नहीं भी होता है, पर उसके माता-पिता या दोनों में से एक अमेरिकी नागरिक है तो इस बच्‍चे को वहां की नागरिकता मि‍ल जाती है. इसे ‘एक्‍यूज़‍िशन ऑफ स‍िट‍िजनश‍िप’ कहते हैं.

नेचुरलाइजेशन का तरीका
दूसरा तरीका है नेचुरलाइजेशन का. ये अमेरिकी नागरिक बनने का सबसे कॉमन तरीका है. नेचुरलाइजेशन का पहला स्टेप है ग्रीन कार्ड जिसे परमानेंट रेजिडेंट स्टेटस भी कहते हैं. अमेरिकी एम्‍बेसी के अनुसार अगर आपके पास ग्रीन कार्ड है तो वो आगे सिट‍िजनश‍िप के ल‍िए योग्‍य हो जाते हैं. इसके ल‍िए आपको कम से कम 5 साल से अमेरिका में कानूनी स्थायी निवासी होना होता है. तो आप Form N-400 भरकर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. नेचुरलाइजेशन के लिए इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट और एक सिविक टेस्ट देना पड़ता है. जिसमें अमेरिका का इतिहास, गवर्नमेंट और मौलिक अधिकार से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. साथ ही आपको यह भी साबित करना पड़ता है कि आपका मोरल कैरेक्टर अच्छा है. इस प्रोसेस में पेपर वर्क बहुत जरूरी होता है.

अगर आपकी शादी किसी यूएस सिटीजन से हुई है और आपके पास ग्रीनकार्ड है, तो 5 साल की जगह 3 साल में ही नागरिकता के ल‍िए आवेदन किया जा सकता है. शर्त है कि आप पिछले 3 साल से उसी अमेरिकी नागरिक से शादीशुदा रिश्ते में रह रहे हों, और आवेदन के समय भी शादी बरकरार हो.

एंप्लॉयमेंट पर आधारित इमीग्रेशन
तीसरा और सबसे पॉपुलर रास्ता है एंप्लॉयमेंट बेस्ड इमीग्रेशन. बहुत से इंडियंस H1B से एंप्लॉयमेंट वीजाज़ पर यूएस आते हैं और वहीं से ग्रीन कार्ड और आगे सिटीजनशिप तक का रास्ता शुरू होता है. H1B खुद सिटीजनशिप की गारंटी नहीं देता लेकिन यह ग्रीन कार्ड की तरफ ले जाता है. एंप्लॉयमेंट बेस्ड ग्रीन कार्ड कैटेगरीज में ईबी वन, ईबी2 और ईबी3 आती हैं. जिनमें एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी एबिलिटी वाले प्रोफेशनल्स, एडवांस डिग्री होल्डर्स और स्किल्ड वर्कर्स भी शामिल होते हैं.

भारतीयों के लिए खासकर ईबी2 और ईबी3 काफी कॉमन है. वेटिंग टाइम लंबा होता है लेकिन एक बार ग्रीन कार्ड मिल जाए सिटीजनशिप का रास्ता सिंपल हो जाता है. जो इंडियंस यूएस में काम कर रहे हैं उन्हें अपने एंप्लयर की स्पॉन्सरशिप, पेपर वर्क टाइमिंग और प्रायोरिटी डेज को ध्यान में रखना चाहिए.

इन्वेस्टमेंट के जरिए भी खुलते हैं नागरिकता के रास्‍ते
इसके अलावा इन्वेस्टमेंट रूट भी होता है यानी ईबी5 वीजा. यह ऑप्शन उन भारतीयों के लिए होता है जो स्ट्रांग फाइनेंसियल बैकग्राउंड रखते हैं. ईबी5 में आपको किसी यूएस बिजनेस में इन्वेस्ट करना होता है. इस इन्वेस्टमेंट के जरिए कम से कम 10 लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए. इन्वेस्टमेंट की रकम आमतौर पर 1 मिलियन डॉलर होती है. कुछ स्पेशली अप्रूव्ड टारगेटेड एंप्लॉयमेंट एरियाज में यह रकम 5 लाख डॉलर तक भी हो सकती है. अगर इन्वेस्टमेंट रिक्वायरमेंट पूरी हो जाए और नौकरियां भी सही तरीके से दी जाएं तो ग्रीन कार्ड मिल सकता है. उसके बाद रेजिडेंसी रिक्वायरमेंट पूरी करने पर सिटीजनशिप के लिए अप्लाई किया जा सकता है. इंडिया में इस रूट की पॉपुलैरिटी पिछले कुछ सालों में काफी बड़ी है क्योंकि यह काफी सीधा रास्‍ता है. हालांकि ये रास्‍ता अमीर लोग ही अपनाते हैं.

इसके अलावा भी कुछ तरीके हैं जैसे – अगर आप अमेरिकी सेना में सक्रिय सेवा कर रहे हैं या सम्मानजनक तरीके से सेवा पूरी कर चुके हैं, तो कुछ शर्तों पर नागरिकता के लिए तेज़ रास्ता मिल सकता है. इसमें सेवा की अवधि, सम्मानजनक छुट्टी, अच्छा चरित्र और अंग्रेज़ी/सिविक्स की जानकारी देखी जाती है. सेना में सेवा करने वालों के परिवार जैसे पत्नी या बच्चों को भी कुछ खास शर्तों पर नागरिकता या इसकी तेज प्रक्रिया मिल सकती है.



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