How To Grow Spinach at Home : सर्दियों में पालक के पराठे, दाल, साग या पालक पनीर खाने का मजा ही अलग है. लेकिन बाजार से पालक खरीदकर लाना, उन्हें साफ करना काफी चैलेंजिंग होता है. भरपूर कीटनाशन और कैमिकल वाले खाद की वजह से ये सेहत को नुकसान भी पहुचा सकते हैं. ऐसे में क्या कोई ऐसा उपाय है जिसकी मदद से आप पालक घर पर ही बड़ी आसान से उगा सकते हैं और पूरे सीजन पालक का आनंद उठा सकते हैं?
जी हां, आप अपने घर की बालकनी में भी ताजी और हरी-भरी पालक उगा सकते हैं. इसके लिए न तो बड़े बगीचे की जरूरत है और न ही बहुत ज्यादा मेहनत की. बस एक गमला, अच्छी मिट्टी, पालक के बीज और थोड़ी-सी देखभाल से आप घर पर ही पालक की फसल तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि सही मौसम और देखभाल मिलने पर बुवाई के करीब 4 से 6 हफ्तों में इसकी पत्तियां तोड़ने लायक हो सकती हैं. आइए जानते हैं पालक उगाने का आसान तरीका.
पालक उगाने का सही समय और गमला चुनें (Spinach Growing Tips)-
पालक ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है. उत्तर भारत में अक्टूबर से फरवरी तक का समय इसे उगाने के लिए अच्छा रहता है. पालक को आप छत, बालकनी या घर के किसी ऐसे हिस्से में उगा सकते हैं, जहां रोजाना 4 से 6 घंटे धूप आती हो. अगर आपके घर में बहुत ज्यादा जगह नहीं है, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है.
इसके लिए कम से कम 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा गमला या ग्रो बैग चुनें. ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हों. इससे मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा नहीं होगा और पौधों की जड़ें खराब होने का खतरा कम रहेगा.
पालक के लिए ऐसे तैयार करें मिट्टी (Soil Preparation)-
पालक की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का सही होना जरूरी है. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी, वर्मीकम्पोस्ट और कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं. वर्मीकम्पोस्ट पौधों को पोषण देने में मदद करता है, जबकि कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायक होता है.
मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी आसानी से निकल जाए और हवा का आवागमन बना रहे. अगर आप घर की पुरानी मिट्टी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसमें अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद मिलाएं. ताजी गोबर की खाद डालने से बचें, क्योंकि इससे पौधों को नुकसान पहुंच सकता है.
बीज बोने का तरीका जानें (How to Grow Spinach)-
अब बारी है पालक के बीज बोने की. आप नर्सरी या किसी भरोसेमंद दुकान से पालक के बीज खरीद सकते हैं. बीजों को रातभर पानी में भिगोना वैकल्पिक है, लेकिन इससे कुछ बीजों में अंकुरण जल्दी शुरू होने में मदद मिल सकती है.
गमले की मिट्टी में करीब आधा इंच गहरी कतारें बनाएं और उनमें बीज डाल दें. बीजों के बीच लगभग 2 से 3 इंच की दूरी रखें. फिर ऊपर से मिट्टी या कम्पोस्ट की पतली परत डाल दें. पानी का हल्का छिड़काव करें, ताकि बीज अपनी जगह से हटें नहीं. आमतौर पर अनुकूल परिस्थितियों में 6 से 10 दिनों के भीतर अंकुर दिखाई देने लगते हैं.
पानी और धूप का रखें खास ध्यान (Spinach Plant Care)
पालक के बीज बोने के बाद मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है. मिट्टी सूखने लगे, तो हल्का पानी दें. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गमले में हर समय पानी भरा रहे. जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधों की बढ़त रुक सकती है.
गमले को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की हल्की धूप आती हो. पौधे थोड़े बड़े होने पर उनकी पत्तियों पर ध्यान दें. अगर पत्तियां पीली पड़ रही हैं या पौधों की बढ़त धीमी है, तो पानी, धूप और मिट्टी की स्थिति जांचें. जरूरत के मुताबिक हर 15 दिन में थोड़ी तरल जैविक खाद दे सकते हैं. खाद के पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करना बेहतर है.
पौधों की छंटाई करें और पालक की कटाई करें (Spinach Harvesting)-
जब पालक के पौधे करीब 2 इंच लंबे हो जाएं, तो छोटे और कमजोर पौधों को हटाकर उनके बीच पर्याप्त जगह बना दें. इससे बाकी पौधों को बढ़ने के लिए जगह मिलेगी और पत्तियां अच्छी तरह फैल सकेंगी.
बुवाई के करीब 30 से 45 दिनों बाद, परिस्थितियों के अनुसार, पालक की पत्तियां तोड़ने लायक हो सकती हैं. जब पत्तियां लगभग 4 से 6 इंच लंबी हो जाएं, तो बाहरी और बड़ी पत्तियों को साफ कैंची से काटें. बीच की छोटी पत्तियों को पौधे पर ही रहने दें, ताकि नई पत्तियां निकलती रहें. इस तरीके से एक ही पौधे से कई बार पत्तियां मिल सकती हैं.
पालक उगाते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान (Home Gardening Tips)-
पौधों के बीच दूरी रखें: बहुत घने पौधों को हटाएं, ताकि हवा और रोशनी ठीक से मिल सके.
कीटों पर नजर रखें: पत्तियों के नीचे छोटे कीड़े या धब्बे दिखें, तो प्रभावित पत्तियों को हटाएं. नीम आधारित कीटनाशक इस्तेमाल करते समय उसके लेबल के निर्देशों का पालन करें.
पत्तियों को साफ रखें: पालक की पत्तियों पर मिट्टी या कीड़े दिखें, तो कटाई के बाद बहते साफ पानी में अच्छी तरह धोएं.
सबसे अच्छी बात यह है कि पालक उगाने के लिए आपको बहुत ज्यादा अनुभव की जरूरत नहीं है. सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी के साथ शुरुआती लोग भी इसे आसानी से उगा सकते हैं. हालांकि, फसल तैयार होने का समय मौसम, बीज की किस्म और देखभाल पर निर्भर करेगा.