Ukraine Hit Su-34 Jet : ‘नहीं मानूंगा ट्रंप का एनर्जी सीजफायर’, जेलेंस्की ने पुतिन को 6 जगह से किया घायल, SU-34 के दर्द से कराह उठा रूस

Ukraine Hit Su-34 Jet : ‘नहीं मानूंगा ट्रंप का एनर्जी सीजफायर’, जेलेंस्की ने पुतिन को 6 जगह से किया घायल, SU-34 के दर्द से कराह उठा रूस


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गद्दी संभालते ही कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध रखना सबसे आसान है. उन्होंने वोलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन को समझाने में एडी-चोटी का जोर लगा दिया. जब उन्हें दिखा कि ये जंग खत्म करने का क्रेडिट नहीं मिलने वाला तो वो यूक्रेन को बुली करने लगे. अब वो यूक्रेन को इस्तेमाल करके रूस के साथ डील करने वाली चालाकी पर उतर आए हैं. ऐसे में जेलेंस्की ने भी ट्रंप को इज्जत देनी बंद कर दी है, उन्होंने एनर्जी सीजफायर को मानने से मुंह पर मना कर दिया. इसके बाद अब जेलेंस्की ने पुतिन को 6 जगह से घायल कर दिया है. उन्होंने SU-34 को लेकर ऐसा दर्द दिया है कि रूस कराह उठा है.

यूक्रेन ने रूस के SU-34 पर किया अटैक

जेलेंस्की का दावा है कि यूक्रेनी ड्रोन्स ने रूस के भीतर घुसकर उसके सबसे खतरनाक और ताकतवर फाइटर-बॉम्बर्स को एक ही झटके में नेस्तनाबूद कर दिया है. इस ताबड़तोड़ हमले में रूस के विमानों के परखच्चे उड़ गए हैं और रूसी सेना इस नुकसान से बुरी तरह से कराह उठी है.

इस घटनाक्रम की शुरुआत कल रात तब हुई जब यूक्रेन की सेना ने रूस के अंदरूनी इलाके में स्थित एक बेहद सेंसेटिव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस को अपना निशाना बनाया. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेन्स्की ने खुद इस बात का दावा किया है कि उनकी सेना ने रूस के वोरोनिश क्षेत्र में स्थित बोरिसोविए्स्क एयरफील्ड पर एक घातक ओवरनाइट स्ट्राइक को अंजाम दिया. इस अचूक और जबरदस्त हमले में रूस के कुल 6 अत्याधुनिक फाइटर-बॉम्बर्स सीधे तौर पर इसकी चपेट में आ गए.

जेलेंस्की ने पुतिन को 6 जगह से किया घायल!

दावा है कि है कि इस रात के ऑपरेशन में रूस के चार एसयू-34 (Su-34) फाइटर-बॉम्बर्स पूरी तरह से जलकर खाक हो चुके हैं यानी पूरी तरह तबाह कर दिए गए हैं, जबकि दो अन्य विमानों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. यूक्रेन के डिफेंस सूत्रों का कहना है कि ये हमला उनकी सेना द्वारा विकसित की गई लंबी दूरी की ‘नेपच्यून’ मिसाइल के जरिए किया गया है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस हमले की पुष्टि की और यूक्रेन की नौसेना के उन जांबाज योद्धाओं की जमकर तारीफ की जिन्होंने अपनी सटीक निशानाबाजी से इस मिशन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई.

तबाही का सामान ले जा रहे थे ये रूसी विमान

जेलेंस्की ने अपने बयान में इस बात पर भी खास जोर दिया कि जिन रूसी युद्धक विमानों को नेस्तनाबूद किया गया है, वो कोई आम विमान नहीं थे बल्कि वो रूसी सेना के खौफनाक हथियारों से पूरी तरह लदे हुए थे. रूस इन विमानों का इस्तेमाल लगातार यूक्रेनी शहरों और वहां के आम नागरिकों को दहलाने के लिए कर रहा था.

जेलेंस्की ने बताया कि हमले के वक्त ये सभी Su-34 फाइटर-बॉम्बर्स भारी-भरकम गाइडेड एरियल बमों से पूरी तरह से लैस थे और यूक्रेन के फ्रंटलाइन शहरों पर नए सिरे से तबाही मचाने के लिए उड़ान भरने ही वाले थे. लेकिन इससे पहले कि रूसी पायलट अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे पाते, यूक्रेन की लंबी दूरी की मिसाइल ने उनके एयरबेस पर ही काल बनकर ऐसा प्रहार किया कि रूसी खेमे में कोहराम मच गया. रूस की वायु सेना के लिए ये झटका इसलिए भी बहुत बड़ा है क्योंकि एक साथ चार अत्याधुनिक युद्धक विमानों का इस तरह जलकर राख हो जाना करोड़ों डॉलर के वित्तीय नुकसान के साथ-साथ उसकी ऑपरेशनल ताकत को भी भारी चोट पहुंचाता है.

Su-34: रूसी वायु सेना का खूंखार हथियार

यहां ये समझना बेहद जरूरी है कि आखिर Su-34M फाइटर-बॉम्बेर्स रूस के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं और यूक्रेन ने इन्हीं को अपना निशाना क्यों बनाया. Su-34 रूस का एक बहुत ही ताकतवर और दो सीटों वाला फाइटर-बॉम्बर है, जिसका इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन के खिलाफ मोर्चों पर जमकर कर रही है. ये विमान आसमान से भारी-भरकम ग्लाइड बम बरसाने के लिए जाना जाता है, जिससे यूक्रेन के शहरी इलाके और रक्षा चौकियां मलबे के ढेर में बदल जाती हैं.

रूस इन विमानों की मदद से फ्रंटलाइन के करीब स्थित यूक्रेनी ठिकानों पर लगातार भारी गोलाबारी और बमबारी करता रहा है. ऐसे विमानों की कीमत करोड़ों, बल्कि दसियों मिलियन डॉलर में होती है. ऐसे में, बोरिसोविए्स्क एयरफील्ड पर हुए इस सटीक हमले ने पुतिन की उस ताकत को सीधे तौर पर घायल कर दिया है जिसका इस्तेमाल वो यूक्रेन में खौफ फैलाने के लिए सबसे ज्यादा कर रहे थे. विमानों के इस भारी नुकसान से रूस की हवाई ताकत को जो जख्म मिला है, उससे पूरा रूसी रक्षा मंत्रालय गुस्से और लाचारी के साये में आ गया है.

सिर्फ एयरफील्ड ही नहीं, ओर्योल और ब्लैक सी में भी बरपा कहर

यूक्रेन का ये हमला सिर्फ एक एयरफील्ड तक ही सीमित नहीं था. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने देश को संबोधित करते हुए ये भी खुलासा किया कि उनकी सेना के लॉन्ग-रेंज ऑपरेशंस ने रूस के कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी मलबे में बदल दिया है.

  • ओर्योल क्षेत्र में ड्रोन स्टोरेज तबाह: जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन की लंबी दूरी की स्ट्राइक रूस के ओर्योल क्षेत्र तक जा पहुंची. इस इलाके में रूस ने एक बहुत बड़ा डिपो बना रखा था जिसका इस्तेमाल हमलावर ड्रोन को स्टोर करने और उन्हें लॉन्च करने के लिए किया जाता था. यूक्रेनी हमले ने इस ड्रोन हब को भी तहस-नहस कर दिया है.
  • काला सागर में भी निशाना: इसके अलावा, यूक्रेन ने ब्लैक सी के समुद्री इलाके में भी एक अन्य रूसी टारगेट को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है.

इन लगातार हमलों के जरिए यूक्रेन ने ये साबित कर दिया है कि उसकी मारक क्षमता अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह रूस के भीतर घुसकर उसके सबसे महफूज ठिकानों को भी मिट्टी में मिलाने का माद्दा रखती है.

‘रूस खींच रहा है युद्ध को, हम नहीं रुकेंगे’: जेलेंस्की का दो टूक संदेश

एक तरफ जहां दुनिया के बड़े देश और खास तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ये चाहते हैं कि किसी तरह रूस और यूक्रेन के बीच फौरन संघर्ष विराम हो जाए, खासकर ऊर्जा बुनियादी ढांचे और हमलों को लेकर वहीं जेलेंस्की के तेवर पूरी तरह से आक्रामक बने हुए हैं.

जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वो रूस की तरफ से थोपे जा रहे किसी भी ऐसे ‘एनर्जी सीजफायर’ या युद्धविराम के दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने साफ किया कि जब तक रूस इस युद्ध को लंबा खींच रहा है और लगातार यूक्रेनी नागरिकों को आतंकित कर रहा है, तब तक यूक्रेन भी चुप बैठने वाला नहीं है.

जेलेंस्की ने दो टूक अंदाज में कहा, ‘ये हमले रूस के उस तमाम आतंक का हमारा पूरी तरह से न्यायसंगत और कानूनी जवाब हैं जो वह यूक्रेन पर कर रहा है. चूंकि रूस इस युद्ध को जानबूझकर लंबा खींच रहा है, इसलिए हमारे लंबी दूरी के ये सैन्य ऑपरेशन आगे भी पूरी ताकत के साथ जारी रहेंगे’.



Source link