3 क्रिकेटर्स, जो भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट के कप्तान
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3 cricketers can captain of team india: भारतीय क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों के बाद तीनों फॉर्मेट की कमान संभालने के लिए युवा खिलाड़ियों की तलाश तेज हो गई है. चयनकर्ताओं ने घरेलू और इंडिया ए स्तर पर युवा चेहरों को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपनी शुरू कर दी है. इस दौड़ में ईशान किशन, तिलक वर्मा और देवदत्त पडिक्कल सबसे आगे हैं. अपने शानदार आंकड़ों, आक्रामक बल्लेबाजी और कप्तानी के अनुभव के दम पर ये तीनों युवा खिलाड़ी भविष्य में भारतीय टीम के कप्तान बनने के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.
ये तीन खिलाड़ी भारतीय टीम के बन सकते हैं कप्तान.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट हमेशा से भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने में आगे रहा है. जैसे-जैसे सीनियर खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, यह सवाल सबसे अहम हो गया है कि आने वाले समय में तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कमान किसके हाथ में होगी. चयनकर्ताओं ने घरेलू और इंडिया ए स्टेज पर अभी से युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपनी शुरू कर दी है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है. इस दौड़ में 3 खिलाड़ी ईशान किशन, तिलक वर्मा और देवदत्त पडिक्कल जैसे युवा खिलाड़ी सबसे आगे खड़े हैं, जिनके आंकड़े और नेतृत्व क्षमता उन्हें इस बड़ी भूमिका के लिए प्रबल दावेदार बनाते हैं.
झारखंड के आक्रामक बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया भर में पहचान बनाई है. वनडे इतिहास का दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक (131 गेंदों में 210 रन) लगाने वाले ईशान ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में खुद को साबित किया है. उन्होंने 32 वनडे मैचों में 42.57 की औसत से 1,107 रन और 64 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 120 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 1,918 रन बनाए हैं. आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ दो खिताब जीतने वाले ईशान ने कई बार 400 से अधिक रनों का सीजन खेला है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 273 रन है.
कप्तानी के अनुभव की बात करें तो ईशान ने 2016 के अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाया था. साल 2026 के आईपीएल सीजन की शुरुआत में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें अंतरिम कप्तान नियुक्त किया, जहां उन्होंने नाबाद 106 रनों की तूफानी पारी खेलकर तुरंत अपना प्रभाव छोड़ा. घरेलू सर्किट में झारखंड और ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए उन्होंने अपनी टीमों को 2025-26 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित खिताब दिलाए हैं, जो एक लीडर के रूप में उनकी क्षमता को पुख्ता करते हैं.
तीनों फॉर्मेट में निरंतरता और ऑलराउंड क्षमता वाले तिलक वर्मा
इस कड़ी में दूसरा बड़ा नाम 23 वर्षीय बाएं हाथ के ऑलराउंडर तिलक वर्मा (Tilak Varma) का है. हैदराबाद के इस युवा बल्लेबाज ने अपनी निरंतरता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है. इंटरनेशनल स्टेज पर उन्होंने अब तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में लगभग 44.78 की शानदार औसत से 1,791 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और 120 नाबाद उनका सर्वोच्च स्कोर शामिल है. लाल गेंद के क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और भी शानदार है, जहां उन्होंने 25 मैचों में 57.13 की औसत से लगभग 1,828 रन बनाए हैं, जिसमें 8 शतक शामिल हैं. इसके अलावा 47 लिस्ट ए मैचों में 46.67 की औसत से 1,867 रन बनाकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित की है. दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर मैच जिताने की उनकी कला और निरंतर प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम का भविष्य का एक बेहतरीन और दीर्घकालिक कप्तान बनाता है.
रेड बॉल क्रिकेट में क्लास और कप्तानी का अनुभव है देवदत्त पडिक्कल के पास
केरल के एडप्पल से ताल्लुक रखने वाले और कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले बाएं हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने अपनी तकनीकी महारत से सबको प्रभावित किया है. टेस्ट क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है, जहां उन्होंने 4 मैचों में 69.66 की अविश्वसनीय औसत से 418 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 167 उनका सर्वोच्च स्कोर शामिल है.
नेतृत्व के मोर्चे पर भी पडिक्कल तेजी से आगे बढ़े हैं. उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 2026 की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज के लिए इंडिया ए का कप्तान बनाया गया था, जहां उन्होंने सितंबर 2026 में सीरीज के दौरान एक अहम अर्धशतक भी लगाया. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 2025-26 सीजन के दौरान कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी टीम की कमान संभाली और मयंक अग्रवाल की जगह कप्तान बने. पंजाब के खिलाफ रणजी मुकाबले में उन्होंने ओपनिंग करते हुए नाबाद 120 रनों की तेज पारी खेलकर 250 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया. इसके अलावा उत्तराखंड के खिलाफ रणजी सेमीफाइनल में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कप्तान के रूप में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 232 रन का स्कोर बनाया और दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के लिए 62 रनों की अहम पारी खेली.