सऊदी का एयर डिफेंस सिस्टम कैसा है, जो रियाद को भी नहीं बचा पाया?


Last Updated:

सऊदी अरब के पास खाड़ी देशों में सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम है. इसके बावजूद हूतियों ने जो मिसाइल अटैक किया उससे रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं बच सका. सऊदी के अधिकारी ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हूतियों की मिसाइलें रियाद तक कैसे पहुंच गईं.

Top Deals Inside

सऊदी का एयर डिफेंस सिस्टम कैसा है, जो रियाद को भी नहीं बचा पाया?Zoom

सऊदी अरब में अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं, जिन्हें चमका देकर हूती की मिसाइलें रियाद तक पहुंच गईं.

सऊदी अरब खाड़ी के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिसके पास मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम है. इसके बावजूद रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जिस तरह मिसाइलें पहुंचीं वह बड़े सवाल खड़े कर गया है. सऊदी के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल को इंटरसेप्ट क्यों नहीं कर पाया. हालांकि वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में सऊदी अधिकारियों की ओर से ही इसका कारण बताया गया है. इसमें दावा किया गया है कि हूतियों के लगातार हमले के बीच सऊदी के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी हो गई है.

सऊदी अरब अभी तक हूतियों के उस अटैक से बाहर नहीं निकल पाया जो रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई हड्डे पर किए गए थे. हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. राजधानी पर हुआ यह हमला हूतियों के बढ़े हौसले की बानगी माना जा रहा है. यह अटैक सऊदी के एयर डिफेंस सिस्टम पर भी सवाल खड़ा कर गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि सऊदी सबसे अमीर देशों में शुमार है. यहां के एयर डिफेंस सिस्टम में पैट्रियट, THAAD जैसी मिसाइलें और अत्याधुनिक इंटरसेप्टर शामिल हैं. जो सऊदी ने अमेरिका-चीन समेत अन्य देशों से खरीदे हैं. रियाद एयरपोर्ट पर हमला होने के बाद अब नए सिरे से एयर डिफेंस सिस्टम की समीक्षा की जा रही है.

कैसा है सऊदी अरब का एयर डिफेंस सिस्टम?

सऊदी अरब का एयर डिफेंस सिस्टम मल्टी लेयर्ड है, जिसमें लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइल डिफेंस सिस्टम के साथ शॉर्ट रेंज, रडार और वार्निंग सिस्टम तथा ड्रोन और लेजर वेपन है. रक्षा निर्माण में सऊदी बहुत पीछे हैं, इसीलिए उसने ये सभी प्रणालियां अमेरिका, चीन व यूरोप के अन्य देशों से खरीदी हैं, जिसकी जिम्मेदारी सऊदी एयर डिफेंस फेार्सेज RSADF को दी गई है.

लंबी दूरी का मिसाइल डिफेंस सिस्टम

  • पैट्रियट, अमेरिका : यह जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिससे लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और बैलेस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर गिराया जा सकता है. सऊदी इसका हाईटेक वर्जन PAC-2 और PAC-3MSE इस्तेमाल करता है जो क्रू मिसाइलों को भी गिरा सकता है.
  • THAAD, अमेरिका : इसे टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस कहते हैं जो बैलेस्टिक मिसाइलों को गिराने के लिए बनाया गया है. जुलाई 2025 में सऊदी अरब ने अपने पहले थाड बैटरी सिस्टम के संचालन का ऐलान किया था. इसे दुनिया का सबसे घातक एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है.
  • KM-SAMII, साउथ कोरिया: यह मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाला एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे सऊदी ने इंटरसेप्शन क्षमता बढ़ाने के लिए देश में तैनात किया था.

शॉर्ट रेंज का एयर डिफेंस सिस्टम

  • MIM-23 Hawk, अमेरिका : यह कम दूरी की मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है.
    Skyguard-ट्रविनकैनन, जर्मनी : यह शॉर्ट-रेंज रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट गन का कॉम्बो है, जो बेहद कम ऊंचाई वाले हमलों को नष्ट करता है.
    क्रोटेल, फ्रांस : ये सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम है, जो सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करते हैं.

चीन से लिया लेजर वेपन भी तैनात

साइलेंट हंटर, चीन: यह चीन का एक अत्याधुनिक लेजर एयर डिफेंस सिस्टम है. सऊदी इसे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हूती विद्रोहियों के सुसाइड ड्रोन और टोही ड्रोनों को नष्ट करने के काम में ला रहा है. इसके अलावा HQ-17AE भी सऊदी के पास है जो चीन का शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है. इसके अलावा सऊदी ने चीन से 3D TWA रडार भी लिए हैं जो हवाई खतरों की सटीक निगरानी और उन्हें ट्रैक करने के लिए बनाए गए हैं.

इतना मजबूत सिस्टम फिर रियाद को क्यों नहीं बचा पाया?

सऊदी खुद इस बात का जवाब जानने में जुटा है कि आखिर इतने मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम के बावजूद वह हमलों को क्यों नहीं रोक पाया. AP ने शुरुआती जांच पर जो रिपोर्ट प्रकाशित की है. उसके मुताबिक हमला बहुत रणनीतिक तरीके से किया गया था. इसमें पहले ड्रोन भेजे गए और उसके बाद क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया.

हालांकि अधिकारी ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि एयर डिफेंस सिस्टम को पर्याप्त चेतावनी क्यों नहीं मिली. अधिकारियों के मुताबिक एक साथ कई तरह के हथियारों और कई दिशाओं से किए गए हमलों की वजह से ही एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने का सही वक्त नहीं मिला.

सऊदी में मुख्य जगहों पर लगाए जा रहे एयर डिफेंस सिस्टम

टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि रियाद पर हमले के बाद एयर डिफेंस सिस्टम को मुख्य जगहों पर ट्रांसफर किया जा रहा है. खासतौर से एयरपोर्ट, मुख्य तेल रिफाइनरियों समेत ऐसी जगहें जो सऊदी के लिहाज से बेहद खास हैं. इसके अलावा शाही महलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

रिपोर्ट में ये दावा भी किया जा रहा है किंग ज्यादातर समय बंकर में बिता रहे हैं. वह कुछ विश्वासपात्र लोगों के साथ जल्दी-जल्दी लोकेशन बदल रहे हैं. यह इसलिए भी अहम है क्योंकि एक्सपर्ट की ओर से लगातार ये चेतावनी दी जा रही है कि सऊदी क्षेत्रफल के लिहाज से बड़ा देश है. ऐसे में एयर डिफेंस सिस्टम पर पूरे देश की सुरक्षा व्वयस्था का दबाव बढ़ रहा है.



Source link