EWS Certificate Rules UP: ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के नियम, पात्रता और जरूरी दस्तावेज, जानिए कैसे करें आवेदन

EWS Certificate Rules UP: ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के नियम, पात्रता और जरूरी दस्तावेज, जानिए कैसे करें आवेदन


गाजीपुर: सरकारी नौकरी की भर्ती और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और प्रमाणपत्र के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है. गाजीपुर के तुलसी सागर स्थित जनसेवा केंद्र के संचालक प्रमोद ने EWS प्रमाणपत्र के लिए आवेदन में काम आने वाले दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी दी.

EWS प्रमाणपत्र के लिए कितनी होनी चाहिए पारिवारिक आय?
केंद्र सरकार के EWS आरक्षण संबंधी मानदंडों के अनुसार, आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए निर्धारित आरक्षण के दायरे में नहीं होना चाहिए. इसके अलावा, परिवार की सकल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए. आय की गणना में वेतन, कृषि, कारोबार, पेशे और अन्य स्रोतों से होने वाली आय शामिल होती है. यह गणना आवेदन से पहले वाले वित्तीय वर्ष के आधार पर की जाती है. हालांकि, केवल आय की शर्त पूरी करना पर्याप्त नहीं है. संपत्ति से जुड़ी निर्धारित शर्तें भी लागू होती हैं.

जमीन और मकान को लेकर क्या हैं नियम?
केंद्रीय EWS मानदंडों के मुताबिक, परिवार के पास पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि, 1,000 वर्गफुट या उससे अधिक का आवासीय फ्लैट होने पर EWS पात्रता नहीं मिलती. इसके अलावा, अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्गगज या उससे अधिक का आवासीय भूखंड और अन्य क्षेत्रों में 200 वर्गगज या उससे अधिक का आवासीय भूखंड भी अपात्रता का आधार बन सकता है. परिवार की अलग-अलग जगहों पर मौजूद संपत्तियों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है.

आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज रखें?
जनसेवा केंद्र संचालक प्रमोद के मुताबिक, आवेदन के लिए आधार कार्ड, घोषणा पत्र, आवेदक की फोटो, परिवार से संबंधित विवरण और जमीन के कागजात जैसे दस्तावेज तैयार रखने चाहिए. आवेदन के प्रकार और स्थानीय प्रशासन की आवश्यकताओं के अनुसार अन्य प्रमाणपत्र या दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित जनसेवा केंद्र या तहसील से दस्तावेजों की सूची की पुष्टि कर लें.

कहां करें आवेदन और कितना समय लगेगा?
आवेदक संबंधित सरकारी पोर्टल या निर्धारित स्थानीय आवेदन व्यवस्था के माध्यम से प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. इसके बाद संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा आय और संपत्ति से जुड़े विवरणों का सत्यापन किया जाता है. प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद जारी होता है. आवेदन की सही प्रक्रिया और ऑनलाइन सुविधा की उपलब्धता की पुष्टि गाजीपुर के संबंधित तहसील कार्यालय से करनी चाहिए. प्रमाणपत्र तीन दिन में बन जाने का दावा संचालक प्रमोद ने किया है, लेकिन इसे सरकारी समयसीमा मानने से पहले विभागीय पुष्टि जरूरी है.

केंद्रीय और राज्य EWS प्रमाणपत्र में क्या अंतर है?
केंद्रीय और राज्य स्तर की भर्तियों या प्रवेश प्रक्रियाओं में प्रमाणपत्र का निर्धारित प्रारूप और संबंधित नियम देखना जरूरी है. केंद्रीय सरकारी नौकरी के आवेदन में संबंधित भर्ती की अधिसूचना के अनुसार मान्य EWS प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है. इसलिए प्रमाणपत्र बनवाते समय यह स्पष्ट करें कि उसका इस्तेमाल किस भर्ती, प्रवेश परीक्षा या योजना के लिए किया जाना है.

यूपी और केंद्र सरकार की भर्तियों में कहां मिलेगा EWS का लाभ?
EWS प्रमाणपत्र का लाभ किस भर्ती या प्रवेश प्रक्रिया में मिलेगा, यह संबंधित विभाग के नियमों पर निर्भर करता है. उत्तर प्रदेश सरकार की भर्तियों में राज्य के लिए निर्धारित EWS प्रमाणपत्र और पात्रता संबंधी नियम लागू होते हैं, जबकि रेलवे, डाक विभाग और अन्य केंद्रीय सरकारी भर्तियों में केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप और संबंधित भर्ती की शर्तों के अनुसार प्रमाणपत्र देना होता है. उत्तर प्रदेश में आवेदन के लिए अभ्यर्थी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल edistrict.up.gov.in या ई-साथी पोर्टल esathi.up.gov.in/citizenservices/login/login.aspx पर उपलब्ध सेवाएं देख सकते हैं.

आवेदन जमा होने के बाद राजस्व विभाग के स्तर पर दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है. इसमें लेखपाल की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि वह स्थानीय स्तर पर जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित राजस्व अधिकारी को भेजता है. इसके बाद सक्षम अधिकारी सत्यापन के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेते हैं. जनसेवा केंद्र संचालक प्रमोद के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में लगभग 10 से 15 दिन लग सकते हैं, हालांकि वास्तविक समय आवेदन की जांच और संबंधित विभाग की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.



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