CJI Surya Kant | Makhi Janta Party | CJP News | कॉकरोच के बाद मक्खी की एंट्री! CJI सूर्यकांत ने कहा मुहावरा और बन गई MJP, 72 घंटे में 3 लाख फॉलोअर्स

CJI Surya Kant | Makhi Janta Party | CJP News | कॉकरोच के बाद मक्खी की एंट्री! CJI सूर्यकांत ने कहा मुहावरा और बन गई MJP, 72 घंटे में 3 लाख फॉलोअर्स


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant) के कहे एक मुहावरे से एक और पार्टी ने जन्म ले लिया है. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बाद अब ‘मक्खी जनता पार्टी’ (MJP) की सोशल मीडिया पर एंट्री हुई है. इस नए संगठन का नाम सीजेआई सूर्यकांत की उस टिप्पणी से प्रेरित बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. एमजेपी ने दावा किया है कि महज 72 घंटे में उसके इंस्टाग्राम पेज को 40 लाख से ज्यादा व्यूज और 3.30 लाख से अधिक फॉलोअर्स मिल गए.

‘कॉकरोच’ के बाद अब ‘मक्खी’ की चर्चा क्यों?

एमजेपी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, उनकी पार्टी का नाम सीजेआई सूर्यकांत की हालिया ‘हथौड़े से मक्खी मारने’ वाली टिप्पणी से निकला है. दरअसल सीजेआई की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 9 अक्टूबर को एक मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली में सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले मेट्रो और ट्रेन जैसी सार्वजनिक परिवहनों को पूरी तरह बंद करने के औचित्य पर सवाल उठाए थे. अदालत ने कहा था कि किसी व्यवस्था को नियंत्रित करना और उसे पूरी तरह रोक देना दो अलग बातें हैं. इसी बीच सीजेआई सूर्यकांत ने एक मुहावरा कहा था कि ‘किसी मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.’

एमजेपी ने इसी टिप्पणी को अपने अंदाज में सोशल मीडिया पर पेश किया. उसके एक पोस्ट में लिखा गया, ‘जब सीजेपी ने ही कहा कि ‘Can’t use hammer to kill a fly!’ तो अब मक्खी भी बोलेगी, हम भी किसी से कम नहीं.’ इस तरह ‘मक्खी’ को एक व्यंग्यात्मक प्रतीक बनाकर संगठन ने अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है.

72 घंटे में 40 लाख व्यूज, 3.30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

मक्खी जनता पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि उसके इंस्टाग्राम पेज को 72 घंटे के भीतर 40 लाख से ज्यादा व्यूज मिले और फॉलोअर्स की संख्या 3.30 लाख के पार पहुंच गई. सोशल मीडिया अकाउंट पर आर्यन नाम के एक छात्र को इस संगठन का संस्थापक बताया गया है. मंगलवार को शेयर की गई एक स्टोरी में संगठन ने प्रवक्ताओं की तलाश करने की बात भी कही.

हालांकि, इस पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, इससे जुड़ने की तारीख जून 2021 है और ‘makhijantaparty.ig’ नाम अपनाने से पहले इसका यूजरनेम आठ बार बदला गया था. ऐसे में संगठन की हालिया लोकप्रियता और उसके अकाउंट के पुराने इतिहास के बीच अंतर को समझना जरूरी है. 40 लाख व्यूज और 3.30 लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा संगठन का अपना दावा है.

CJP और नेहा बोरा के समर्थन में उतरी MJP

MJP ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं AISA अध्यक्ष की नेहा बोरा के प्रति समर्थन भी जताया है. संगठन ने बोरा के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि सवाल उठाना और जवाबदेही की मांग करना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है.

हालांकि, एमजेपी ने यह भी कहा कि हालिया प्रदर्शन के लिए अधिकारियों से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी. संगठन ने नागरिकों से अपील की कि वे विरोध करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल जिम्मेदारी से और कानून के दायरे में रहकर करें. एमजेपी के मुताबिक, वह सीजेपी से संपर्क करने की कोशिश भी कर रही है, ताकि आपसी सहमति के आधार पर साझा रुख या समन्वित कार्रवाई की संभावनाएं तलाशी जा सकें.

सीजेपी नेताओं की हिरासत पर उठाया सवाल

खुद को MJP का संस्थापक अध्यक्ष बताने वाले छात्र आर्यन की तरफ से जारी एक बयान में सीजेपी नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए गए. इन दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सीमा का उल्लंघन करते हुए भारतीय ध्वज फहराया था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.

एमजेपी ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है. संगठन का तर्क है कि अगर विरोध प्रदर्शनों को ऐसी जगहों तक सीमित कर दिया जाए, जहां उनकी आवाज आम लोगों तक न पहुंचे, तो उनका प्रभाव कम हो सकता है. बयान में सवाल किया गया, ‘अगर लोग वहां अपनी बात ही नहीं सुना सकते, जहां उनकी आवाज मायने रखती है, तो फिर प्रदर्शन स्थल का क्या मतलब है?’

याद दिला दें कि एमजेपी से पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का जन्म भी सीजेआई सूर्यकांत की ही कही एक बात से हुआ था.CJP की शुरुआत युवाओं के एक वर्ग के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बाद हुई थी. इंस्टाग्राम पर आगाज के बाद यह संगठन सड़कों पर उतरा और जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन का एक अहम चेहरा बन गया.





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