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शिवराज सिंह चौहान के बाद उनके बेटे कार्तिकेय चौहान अब कोसमी गांव पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि आप लोगों से टकराने से पहले अफसरों को हमसे टकराना होगा. इसके बाद उन्होंने आदिवासियों के साथ मिलकर भोजन भी किया और एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया.
शिवराज सिंह चौहान के बाद कोसमी गांव पहुंचे उनके बेटे कार्तिकेय चौहान
Kartikeya Sharma: मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया, जब सीहोर में अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई हुई और उस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखे तेवर दिखाए. वह कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर बुरी तरह से गुस्सा हुए और उन्होंने कार्रवाई करने वालों को नरपिशाच तक कह दिया. इसके बाद वह धरने पर भी बैठे थे. अब उनके बाद उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी अफसरों पर सख्त हुए हैं और उन्होंने कहा कि अधिकारियों को आप लोगों से टकराने से पहले हमसे टकराना होगा.
क्या बोले कार्तिकेय चौहान
शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान कोसमी गांव पहुंचे, जहां वह आदिवासियों से मिले. उन्होंने कहा कि आदिवासी भाइयों के जो मकान गिराए गए हैं. वह तिरपाल में नहीं रहेंगे और उनके मकान वहीं बनाए जाएंगे. जहां से उन्हें हटाया गया है. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके साथ भोजन भी किया है और हर संभव मदद की बात कही है. इस दौरान उन्होंने एक बच्चे का जन्म दिन भी मनाया है.
उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि जन्मदिन के दिन ही इस बच्चे के सिर के ऊपर छत नहीं है. हम प्रण लेते हैं कि अगले जन्मदिन तक इस बच्चे को पक्का मकान मिल जाए. हम भरे हुए कुएं को फिर से पोकलेन मशीन मंगाकर खुलवाएंगे. जब तक ऐसा नहीं हो जाता है. हम आपके लिए पीने के पानी की व्यवस्था करेंगे.
आदिवासी परिवारों के घर गिराए जाने के बाद गुस्सा हुए थे शिवराज सिंह चौहान
बताया जा रहा है कि वन विभाग की तरफ से कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ दिया गया था. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने अधिकारियों पर अपना गुस्सा निकाला था. आपको बता दें कि यह जगह उनके लोकसभा क्षेत्र में ही आती है. बाद में उन्होंने कहा कि इन लोगों को वोट से ही मोहन यादव जी मुख्यमंत्री बने हैं. बाद में वह यह भी कहते हुए नजर आए कि वह सीएम से इस मामले में बात करेंगे. फिर वह धरने पर भी बैठ गए. इससे साफ जाहिर होता था कि वह मामले से कितने आहत हैं.
बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मामले की रिपोर्ट मंगवाई है. इस बारे में अधिकारियों से बात की है. अगर हमारा कोई वरिष्ठ नेता किसी मामले को उठाता है, तो हम देखेंगे. रिपोर्ट आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
(रिपोर्ट-आचार्य शिवकांत)