Last Updated:
रोसड़ा में मधुमाला देवी की साधना नवरात्र के दौरान लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. कोई उनके दर्शन करने पहुंच रहा है, तो कोई इस साधना को करीब से देखना चाहता है. उनके घर में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है. मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण के साथ मधुमाला देवी नवरात्र की साधना कर रही हैं. उनकी इस साधना को देखने के लिए लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
मधुमाला देवी कांटों जैसी नुकीली कीलों से बनी सेज पर लेटकर मां दुर्गा की आराधना कर रही
ये तस्वीर रोसड़ा शहर के महादेवमठ वार्ड नंबर-12 के चौरसिया टोला की है. मधुमाला देवी के लिए लकड़ी का एक खास बेड बनाया गया है. यह जमीन से करीब 15 इंच ऊंचा है. इसकी लंबाई छह फीट और चौड़ाई साढ़े तीन फीट है. इस पर पांच इंच लंबी 2,516 कीलें लगाई गई हैं. इन कीलों का कुल वजन करीब 32 किलोग्राम बताया गया है. कीलों के ऊपर एक पतली चादर बिछाई गई है. इसी पर मधुमाला देवी लेटकर साधना कर रही हैं. मधुमाला देवी नवरात्र के पहले दिन से ही इस साधना में जुटी हैं. उनके सीने पर कलश रखा जाता है. पास में त्रिशूल रहता है. वह मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहती हैं. उनकी इस अनोखी साधना को देखने के लिए आसपास के लोग उनके घर पहुंच रहे हैं.
दो साल पहले सपने में हुए थे मां के दर्शन
मधुमाला देवी की इस साधना के पीछे मां दुर्गा के प्रति उनकी गहरी आस्था है. परिजनों के मुताबिक, करीब दो साल पहले उन्होंने सपने में मां दुर्गा के दर्शन होने की बात बताई थी. इसके बाद से उनकी भक्ति और बढ़ गई. परिवार के मुताबिक पिछले साल नवरात्र में मधुमाला देवी ने कलश स्थापित किया था. उन्होंने व्रत रखा और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की. परिवार का दावा है कि नवमी के दिन उनकी मनोकामना पूरी हुई. परिजनों के मुताबिक इसके बाद घर में मां दुर्गा की प्रतिमा मिली. इस प्रतिमा के लिए बाद में मंदिर बनवाया गया.
पति भी रख रहे व्रत
मधुमाला देवी की साधना के दौरान उनके घर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है. लोग मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं. कई लोग पूजा-अर्चना में भी शामिल हो रहे हैं. इस दौरान मधुमाला देवी के पति रंजीत चौरसिया भी व्रत रख रहे हैं. पंडित के मार्गदर्शन में पूजा-पाठ कराया जा रहा है. घर में बने मंदिर में भक्तों की भीड़ जुट रही है. पूरे घर में नवरात्र का माहौल है.