SC-ST एक्ट के नाम पर हुए 9 मुकदमे, जांच हुई पुलिस अफसर भी सन्‍न रह गए, अब पाई-पाई वसूलने की बारी


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SC-ST Fake Cases: हाथरस में एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज नौ मुकदमे झूठे पाए गए हैं. इन मामलों में शिकायत करने वालों को सरकारी मदद के तौर पर लाखों रुपये दिए गए थे. अब न्यायालय ने यह रकम वापस लेने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं. साथ ही, गलत सबूत पेश करने के मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई है.

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SC-ST एक्ट के नाम पर हुए 9 मुकदमे, जांच में पाए गए सभी झूठेZoom

न्यायालय ने वसूली के लिए जारी किए नोटिस (पुलिस की सांकेतिक तस्वीर)

हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एससी-एसटी एक्ट से जुड़े नौ मुकदमों में झूठे तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है. इन मामलों में मुकदमा दर्ज कराने वाले लोगों को पहले सरकारी अनुदान राशि दी गई थी. अब न्यायालय ने इस रकम की वसूली के लिए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इन मामलों में न्यायालय के सामने गलत सबूत पेश करने को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की गई है.

जानकारी के मुताबिक, जिले के अलग-अलग थानों में एससी-एसटी एक्ट के तहत नौ मुकदमे दर्ज कराए गए थे. इन मामलों में शिकायत करने वाले लोगों को सरकारी नियमों के तहत अनुदान राशि मिली थी. जांच और न्यायालय की कार्यवाही के बाद इन मुकदमों को झूठा पाया गया. इसके बाद अनुदान के रूप में दी गई रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है.

किसी को मिले डेढ़ लाख तो किसी को ढाई लाख रुपये
इन मामलों में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग रकम अनुदान के तौर पर मिली थी. थाना सादाबाद में दर्ज एक मामले में शिकायतकर्ता को 1.50 लाख रुपये मिले थे. इसी थाने के एक अन्य मामले में 1.50 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई थी, जबकि एक दूसरे मामले में 75 हजार रुपये मिले थे. थाना मुरसान में दर्ज एक मामले में शिकायतकर्ता को 2.50 लाख रुपये का अनुदान मिला था. थाना सहपऊ में दर्ज मामले में 75 हजार रुपये और सदर कोतवाली में दर्ज एक मामले में भी 75 हजार रुपये दिए गए थे. इसके अलावा हाथरस गेट थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे. इन मामलों में मिली अनुदान राशि का ब्योरा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है.

न्यायालय ने वसूली के लिए जारी किए नोटिस
इन नौ मामलों में अनुदान राशि वापस लेने के लिए न्यायालय की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं. संबंधित लोगों को नियमानुसार रकम लौटाने की प्रक्रिया का सामना करना होगा. इन मामलों में न्यायालय के सामने गलत सबूत पेश करने के संबंध में अलग से कानूनी कार्यवाही भी की गई है.

सरकारी अनुदान के गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई
एससी-एसटी एक्ट के तहत तय नियमों के अनुसार पात्र लोगों को सहायता राशि दी जाती है. इसका मकसद पीड़ितों को राहत देना है. लेकिन अगर किसी मामले में गलत तथ्यों या झूठे सबूतों के आधार पर लाभ लिया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. हाथरस में सामने आए इन नौ मामलों में अब अनुदान राशि की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी नौ मामलों में मिली कुल रकम और वसूली की अंतिम स्थिति का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है.



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