सीधी में ईसाई प्रार्थना सभा पर बवाल, हिंदू महिलाओं ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं से की मारपीट


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Sidhi News: जमोड़ी थाना क्षेत्र में एक मकान में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसको लेकर विवाद हो गया. बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यहां हिंदू महिलाओं और अन्य लोगों को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा में शामिल किया गया था. सभा में 500 से ज्यादा महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पहुंचे थे. उनके विरोध पर गीता दीक्षित और नीलम दीक्षित ने कार्यकर्ताओं से मारपीट की.

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ईसाई प्रार्थना सभा पर बवाल, हिंदू महिलाओं ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पीटाZoom

पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है.

रिपोर्ट- हरीश द्विवेदी, सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है. जमोड़ी थाना क्षेत्र में एक निजी मकान में आयोजित ईसाई प्रार्थना सभा के दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं और आयोजक महिलाओं के बीच विवाद और मारपीट के आरोप लगे हैं. घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है. पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है. वहीं बजरंग दल ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और एक महिला कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. आखिर प्रार्थना सभा के दौरान ऐसा क्या हुआ कि मामला सड़क से अस्पताल प्रबंधन तक पहुंच गया.

दरअसल सीधी जिला मुख्यालय के जमोड़ी थाना क्षेत्र में एक निजी मकान में आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यहां हिंदू महिलाओं और अन्य लोगों को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा में शामिल किया जा रहा था. कार्यकर्ताओं के मुताबिक, सभा में 500 से अधिक महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे. बताया जा रहा है कि प्रार्थना सभा की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. इसके बाद वहां मौजूद दो महिलाओं और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हो गया. देखते ही देखते विवाद मारपीट के आरोपों तक पहुंच गया. इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है. जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है.

महिलाओं पर मारपीट का आरोप
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर मौजूद महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की. कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई. वहीं घटना के बाद जमोड़ी थाना पुलिस ने आरोपी महिलाओं गीता दीक्षित और नीलम दीक्षित के खिलाफ मारपीट के मामले में प्रकरण दर्ज किया है. घटना के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आक्रोश जिला अस्पताल तक पहुंच गया. कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन करते हुए गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि गीता दीक्षित और नीलम दीक्षित हिंदू होते हुए भी लोगों को ईसाई धर्म की ओर प्रेरित कर रही हैं और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल हैं.

जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स है एक आरोपी महिला
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नीलम दीक्षित जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ है. इसी आधार पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बजरंग दल के जिला संयोजक पक्षीराज सिंह ने कहा कि जमोड़ी क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित हो रही हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. ऐसे में जरूरी है कि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें. यदि कानून का उल्लंघन हुआ है, तो साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

पुलिस-प्रशासन पर उठ रहे सवाल
जिलेभर में काफी संख्या में गरीब तबके के लोग हिंदू धर्म को छोड़ क्रिश्चियन धर्म अपना रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर भी कोई हस्तक्षेप नहीं हो पा रहा है. जमोड़ी थाना क्षेत्र में प्रार्थना सभा को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट के आरोपों और विरोध-प्रदर्शन तक पहुंच चुका है. एक ओर बजरंग दल कार्यकर्ता धर्मांतरण का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. अब निगाहें पुलिस की जांच, प्रशासन के आधिकारिक बयान और जिला अस्पताल प्रबंधन के कार्यवाही पर टिका है. हालांकि अब देखना यह होगा कि बजरंग दल के विरोध के बाद अस्पताल प्रबंधक स्टाफ नर्स के खिलाफ क्या कुछ कार्रवाई की जहमत उठा पाने में सफल होता है.



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