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Moth Dal Benefits : आकार में छोटी दिखने वाली मोठ की दाल पोषक तत्वों के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है. जो लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए ये रामबाण है. लोकल 18 से ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि मोठ की दाल मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है. अगर आपको खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही फिर से भूख लगने लगती है, तो इसकी दाल खा सकते हैं. मोठ की दाल में फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है.
ऋषिकेश. हमारे घर के खाने में दाल की अपनी खास जगह है. रोज की थाली में कभी अरहर, कभी मूंग तो कभी मसूर की दाल जरूर शामिल होती है, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी दाल भी है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. इसका नाम है मोठ की दाल. आकार में छोटी दिखने वाली मोठ की दाल पोषक तत्वों के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. लोकल 18 से ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि मोठ की दाल में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के साथ शरीर के कई जरूरी कामों में भूमिका निभाता है. खासकर जो लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए अलग-अलग तरह की दालें रोज के खाने में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है.
इच्छा पर कंट्रोल
डॉ. राजकुमार बताते हैं कि अगर आपको खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही फिर से भूख लगने लगती है, तो फाइबर वाली चीजें डाइट में शामिल करना मददगार हो सकता है. मोठ की दाल में फाइबर मौजूद होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है. इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा को कंट्रोल करने में भी मदद मिल सकती है.
इनके लिए ठीक नहीं
डॉ. राजकुमार के मुताबिक, फाइबर हमारी पाचन क्रिया के लिए जरूरी माना जाता है. डाइट में पर्याप्त फाइबर होने से पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है. मोठ की दाल को अच्छी तरह पकाकर खाने पर यह रोज के भोजन का पौष्टिक हिस्सा बन सकती है. हालांकि, जिन लोगों को दाल खाने से गैस, पेट फूलने या अपच की शिकायत होती है, उन्हें शुरुआत कम मात्रा से करनी चाहिए. मोठ की दाल में आयरन और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है, जबकि मैग्नीशियम शरीर के कई सामान्य कार्यों में भूमिका निभाता है.