जर्मनी के नागरिक नहीं ध्रुव राठी, फिर आखिर कैसे लंबे समय से वहां रह रहे?


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जर्मनी के नागरिक नहीं ध्रुव राठी, फिर आखिर कैसे लंबे समय से वहां रह रहे?

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Dhruv Rathee Citizenship: ध्रुव राठी भारत के ही नागरिक हैं. दिल्ली में आयोजित CJP प्राेटेस्ट में हिस्सा लेने आए ध्रुव राठी के बारे में कहा जा रहा था कि वह जर्मनी के नागरिक हैं. सोशल मीडिया पोस्ट में ध्रुव राठी ने कहा है कि मैं भारत का नागरिक था, हूं और आगे भी रहूंगा.

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जर्मनी के नागरिक नहीं ध्रुव राठी, फिर आखिर कैसे लंबे समय से वहां रह रहे?Zoom

ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय पासपोर्ट दिखाया है. (फोटो-सोशल मीडिया/वीडियोग्रैब)

ध्रुव राठी के बारे में जो कयास लगाए जा रहे थे, उसका उन्होंने जवाब दे दिया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में ध्रुव राठी ने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाया है. उन्होंने यह भी बताया है कि वो भारत के ही नागरिक थे, हैं और आगे भी रहेंगे. ऐसे में सवाल ये भी उठा कि अगर ध्रुव राठी भारत के नागरिक हैं तो लंबे समय से जर्मनी में कैसे रहे हैं? दरअसल जर्मन इमिग्रेशन और नेचुरलाइजेशन के नियम ध्रुव राठी को ऐसा करने की इजाजत देते हैं.

ध्रुव राठी तकरीबन 14 साल से जर्मनी में रह रहे हैं. ऐसे में उनके बारे में ये बात फैलाई गई थी कि ध्रुव ने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है और जर्मनी की नागरिकता ले ली है. हाल ही में इस बात ने फिर जोर पकड़ा जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में CJP ने बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया. इसमें शामिल होने पहुंचे ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया गया. इसी दौरान ये सवाल उठाए गए कि क्या किसी जर्मन नागरिक को भारत में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने का अधिकार है? ध्रुव राठी ने इसी का जवाब दिया है.

ध्रुव राठी लंबे समय से जर्मनी में कैसे रह रहे?

1- स्टूडेंज वीजा

ध्रुव राठी के पासपोर्ट दिखाने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल ये भी उठाए जा रहे हैं कि अगर वह जर्मनी के नागरिक नहीं है तो इतने लंबे समय तक वहां कैसे रह रहे. दरअसल ध्रुव राठी 2012 से जर्मनी में हैं. वह 17 साल की उम्र में वहां पढ़ाई के लिए गए थे. इसके लिए उन्होंने जर्मनी का स्टूडेंट वीजा लिया था. ध्रुव राठी ने जर्मनी के कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में स्टडी की है. ध्रुव राठी की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक 2018 तक उन्होंने मास्टर्स पूरा किया. यानी तब तक वह जर्मनी में स्टूडेंट वीजा पर आसानी से रह सकते थे.

2- वर्क परमिट

पढ़ाई पूरी करने के बाद ध्रुव राठी ने जर्मनी में ही अपना काम करने की ठानी. इसके लिए जर्मन विशेष वर्क वीजा या रेजिडेंस परमिट देता है. ध्रुव राठी एक यूट्यूबर हैं. जर्मन इमिग्रेशन और नेचुरलाइजेशन के मुताबिक जर्मनी में फ्रीलांसर्स और बिजनमैनों के लिए स्पेशल रेजिडेंस परमिट की व्यवस्था है. इसीलिए ध्रुव राठी के लिए जर्मनी में रहना और काम करना आसान हो गया.

3- फैमिली रियूनिफिकेशन वीजा

ध्रुव राठी ने 2021 में जर्मनी की ही रहने वाली अपनी प्रेमिका जूली से शादी कर ली थी. जर्मन कानून के मुताबिक किसी जर्मन से नागरिक करने वाले विदेशी व्यक्ति को जर्मनी में रहने और काम करने का अधिकार आसानी से मिल जाता है. हालांकि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है, जिसमें वीजा के लिए मैरिज सर्टिफिकेट, जर्मन नागरिक पति या पत्नी का पता और अन्य दस्तावेज लगते हैं.

इसकी प्रमुख शर्त ये है कि जर्मन नागरिक के पास रहने के लिए घर और आय होनी चाहिए ताकि वह अपने साथी विदेशी व्यक्ति के रहने का खच उठा सकें. ध्रुव राठी पहले से ही जर्मनी में रहकर काम कर रहे थे. जर्मनी पहुंचने के बाद इस वीजा को अस्थायी रेजिडेंस परमिट में बदलवाया जा सकता है जो कम से कम 3 साल के लिए मिलता है.

4- परमानेंट रेजिडेंस या नागरकिता

जीवनसाथी के साथ शुरुआती 3 साल बिताने के बाद संबंधित व्यक्ति परमानेंट रेजिडेंस के लिए अप्लाई कर सकता है. अगर व्यक्ति चाहता है तो वज जर्मनी की नागरिकता भी ले सकता है. जर्मन प्रवास कानून में 2024 में किए गए संशोधन के बाद यहां डुअल नागरिकता का भी प्रावधान है. यानी संबंधित व्यक्ति अपने देश की नागरिकता छोड़े बिना भी यहां की नागरिकता ले सकता है. मगर इसके लिए दूसरे देश की सहमति आवश्यक है. चूंकि भारत डबल नागरिकता को मान्यता नहीं देता ऐसे में ध्रुव राठी भारतीय नागरिकता छोड़े बिना जर्मनी की नागरिकता नहीं ले सकते, मगर वह परमानेंट रेजिडेंस के तौर पर वहां आसानी से लंबे समय तक रह सकते हैं.



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