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ज्योतिषाचार्य संजय ने कहा कि आज से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और मां दुर्गा इस बार हाथी की सवारी पर आई हैं जब माता हाथी की सवारी पर आती हैं तो यह वैभव, उन्नति, मान-सम्मान और व्यापार में लाभ लेकर आती हैं. इस नवरात्र के समय में मौसम और वैश्विक व्यवस्था में भी बहुत सुखद सुधार देखने के लिए मिलेंगे.
Aaj Ka Mithun Rashifal 10 October 2026 (मिथुन राशिफल)/देहरादून: आज 11 अक्टूबर यानी रविवार का दिन है. शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के साथ ग्रहों का विशेष संयोग मिथुन राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत दे रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आज रात 9 बजकर 32 मिनट तक आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी और इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी.
वहीं रात 10 बजकर 33 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात स्वाति नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा सुबह 10:04 बजे कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे. आज से नवरात्रि शुरू हो रही है और वरियान योग बन रहा है. आज के दिन से मिथुन जातकों के जीवन में सुखद परिवर्तन आएंगे. चंद्रमा सुबह दस बजकर चार मिनट पर कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे. आज से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और बेहद खास वरियान योग बन रहा है.
हाथी पर माता दुर्गा का आगमन और उसका फल
देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय ने कहा कि आज से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और मां दुर्गा इस बार हाथी की सवारी पर आई हैं. जब माता हाथी की सवारी पर आती हैं तो यह वैभव, उन्नति, मान-सम्मान और व्यापार में लाभ लेकर आती हैं. इस नवरात्र के समय में मौसम और वैश्विक व्यवस्था में भी बहुत सुखद सुधार देखने के लिए मिलेंगे.
ग्रहों की चाल और मिथुन राशि पर असर
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस समय चित्रा नक्षत्र लगा हुआ है जिसके स्वामी मंगल हैं और बृहस्पति तथा मंगल दोनों साथ में बैठे हुए हैं, जिससे बुद्धि और साहस मिथुन जातकों के अंदर आ जाएगा. इन दोनों ग्रहों के साथ मूल त्रिकोण में शनि भी बैठे हुए हैं और शनि तथा बृहस्पति का योग और मंगल-शनि की शत्रुता कुछ चुनौतियां ला सकती है. यदि मंगल और शनि डिसिप्लिन में रहे तो मिथुन जातक अपनी कार्यक्षमता, बुद्धि और बाहुबल से मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
प्रारंभिक चुनौतियां और सूर्य-चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय
ज्योतिषाचार्य ने कहा कि नवरात्रि के शुरू के तीन दिन यानी माता काली, सरस्वती और लक्ष्मी के दिन थोड़े नकारात्मक गुजर सकते हैं लेकिन इसके बाद समय शुभ होता चला जाएगा. सूर्य कन्या राशि पर बैठे हैं और रविवार का दिन होने तथा शनि के सामने होने से पितृ दोष का निर्माण हो रहा है, जिससे असमंजस की स्थिति बन सकती है. सूर्य को अनुकूल करने के लिए माता-पिता से संबंध अच्छे रखें, अपनी मां से आशीर्वाद लें अथवा किसी अन्य महिला को मां मानकर उनका सम्मान करें.
मानसिक शांति और देवी पूजा का महत्व
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि चांदी के गिलास में पानी पीने से आपका चंद्रमा आपको बहुत अच्छे फल प्रदान करेगा. आज के दिन विधि-विधान से देवी की पूजा करेंगे तो निश्चित रूप से आपको मनवांछित फल प्राप्त होंगे. उपवास करने और मनन करने से आपका मन शांत होता है जिससे आपकी कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.