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Sidhi News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जमोड़ी थाना पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान विवाद खड़ा हो गया है. राज्य मंत्री राधा सिंह की बहन और जिला पंचायत सदस्य पूजा सिंह कुशराम ने एएसआई रजनीश सिंह बघेल के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर अपनी पीड़ा जताई है.
सीधी जिला पंचायत सदस्य पूजा सिंह कुशराम का वायरल वीडियो.
Sidhi News: सीधी पुलिस की वाहन चेकिंग का एक मामला अचानक सुर्खियों में आ गया है. मामला जमोड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है. यहां वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी के बातचीत करने के तरीके पर विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम में प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री राधा सिंह की छोटी बहन और जिला पंचायत सदस्य पूजा सिंह कुशराम ने पुलिस के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है.
चेकिंग के दौरान क्या हुआ?
वायरल वीडियो के अनुसार, जमोड़ी थाना पुलिस इलाके में नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी. उसी समय जिला पंचायत सदस्य पूजा सिंह कुशराम अपने पति के साथ कार से जा रही थीं. मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकी और सीट बेल्ट लगाने की समझाइश दी. यातायात सुरक्षा की दृष्टि से सीट बेल्ट लगाना जरूरी है और पुलिस द्वारा वाहन रोकना भी गलत नहीं था. लेकिन, विवाद सीट बेल्ट की समझाइश को लेकर नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी के बात करने के अंदाज को लेकर शुरू हुआ.
पुलिसकर्मी के व्यवहार पर उठे सवाल
पूजा सिंह कुशराम का आरोप है कि मौके पर मौजूद एएसआई रजनीश सिंह बघेल ने जिस अंदाज में बातचीत की, उससे उन्हें काफी आहत और अपमानित महसूस हुआ. उनका कहना है कि पुलिसकर्मी की बातचीत का तरीका एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के प्रति अपेक्षित नहीं था. इस घटना के बाद पूजा सिंह कुशराम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में उन्होंने अपनी पीड़ा और पुलिस के रवैये के प्रति नाराजगी व्यक्त की. अब यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.
कार्रवाई नहीं चाहतीं, लेकिन सवाल जरूर हैं
इस पूरे विवाद में पूजा सिंह कुशराम ने साफ तौर पर कहा कि वह संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कानूनी या विभागीय कार्रवाई नहीं चाहती हैं. हालांकि, उन्होंने इस घटना के जरिए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं.
आम जनता और पुलिस व्यवस्था पर बहस
पूजा सिंह कुशराम ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस का व्यवहार किसी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा हो सकता है तो आम नागरिकों के साथ वाहन चेकिंग के दौरान उनका रवैया कैसा रहता होगा. उनके इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था और चेकिंग के तरीकों को लेकर बहस छिड़ गई है.