नई दिल्ली. भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही रोमांचक टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. दोनों टीमों के बीच अभी तक खेले गए मुकाबलों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला है. ऐसे में इंदौर की छोटी बाउंड्री और सपाट पिच पर होने वाले इस मैच में भी गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा होनी तय है. मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे से शुरू होगा.
रांची में खेले गए पिछले टी20 मुकाबले में दोनों टीमों के बीच गजब की आतिशबाजी देखने को मिली थी, जहां कुल 501 रन बने थे. वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिए गए 250 रन के विशाल लक्ष्य को लगभग एक ओवर शेष रहते ही हासिल कर लिया था. इस मैदान पर कैरेबियाई बल्लेबाजों ने जिस तरह से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाई थीं, उससे कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर की चिंताएं बढ़ गई हैं. हालांकि, इंदौर की पिच अपनी तूफानी बल्लेबाजी और चौके-छक्कों के लिए ही पहचानी जाती है, इसलिए एक बार फिर दर्शकों को रनों का अंबार देखने को मिल सकता है.
फील्डिंग और कैच छोड़ना बनी भारत की बड़ी समस्या
यह मुकाबला निश्चित तौर पर दोनों टीमों के आक्रामक बल्लेबाजों के बीच है, लेकिन जीत उसी टीम की होगी जो सभी विभागों में बेहतर संतुलन दिखाएगी. विशेषकर फील्डिंग का इस मैच में बड़ा रोल रहने वाला है. सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में दोनों टीमों ने कुछ अहम मौके गंवाए हैं, जो बाद में भारी पड़े. पिछले मैच में मयंक यादव द्वारा शेरफेन रदरफोर्ड का छोड़ा गया कैच निर्णायक साबित हुआ था. जीवनदान मिलने के बाद रदरफोर्ड ने कप्तान शाई होप के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 54 गेंदों पर 120 रन की विस्फोटक साझेदारी कर मैच का पासा पलट दिया था. इसके अलावा ओस की भूमिका भी टॉस और गेंदबाजी के दौरान अहम साबित हो सकती है.
शाई होप और रदरफोर्ड से रहना होगा सतर्क
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (Shai Hope) इस पूरे दौरे पर बेहद शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और वह अब तक दो शतक जड़ चुके हैं. मेहमान टीम एक बार फिर उनसे वैसी ही बड़ी पारी की उम्मीद करेगी. वहीं, मयंक यादव की गेंद पर जीवनदान मिलने के बाद 38 रन के निजी स्कोर से खेल रहे रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में सात छक्कों और इतने ही चौकों की मदद से 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. इन दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक लय भारत के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई है. कैरेबियाई गेंदबाजी में रोस्टन चेज़ ने पिछले मैच में 24 रन देकर चार विकेट झटके थे और वह सबसे सफल गेंदबाज रहे थे, हालांकि टीम महंगे साबित हुए शमर स्प्रिंगर के विकल्प पर विचार कर सकती है.
भारत का सकारात्मक पहलू और बल्लेबाजी क्रम
भारतीय खेमे के लिए सबसे सकारात्मक बात कप्तान श्रेयस अय्यर का बेहतरीन फॉर्म में लौटना है. अय्यर ने पहले मैच में नाबाद 102 रन की शतकीय पारी खेली थी और पिछले मैच में भी उन्होंने मात्र 18 गेंदों पर 40 रन बनाकर अपने तेवर दिखाए थे. इसके अलावा संजू सैमसन ने 41 गेंदों में 82 रन की शानदार पारी खेलकर अंतिम एकादश में अपनी उपयोगिता साबित कर दी है. मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संकेत दिए हैं कि मध्यक्रम में कुछ रणनीतिक प्रयोग किए जा सकते हैं, जिसमें शिवम दुबे को पिछले मैच में चौथे नंबर पर आजमाया गया था, हालांकि वह केवल सात रन ही बना सके थे. सैमसन के शानदार प्रदर्शन के कारण युवा वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बाहर बैठना पड़ सकता है.
गेंदबाजी में सुधार की सख्त जरूरत
भारत के लिए चिंता का मुख्य विषय उसकी गेंदबाजी है. तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इस सीरीज में अभी तक प्रभावी नहीं रहे हैं और उन्होंने दो मैचों में 79 रन देकर सिर्फ एक विकेट हासिल किया है. हालांकि मयंक यादव ने पिछले मैच में तीन शुरुआती झटके देकर अच्छी शुरुआत जरूर दिलाई थी, लेकिन अन्य गेंदबाज रनों पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम रहे. वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले को जीतने के लिए भारतीय गेंदबाजों को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा और अनुशासित गेंदबाजी करनी होगी.
दोनों टीमें यहां से चुनेंगी प्लेइंग इलेवन
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव.
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू, शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील हुसैन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती.