शारदीय नवरात्रि: 10 दिनों का महापर्व, जानें कलश स्थापना मुहूर्त व पारण तिथि
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Shardiya Navratri: शक्ति, साधना और आस्था का महापर्व शारदीय नवरात्रि जल्द ही शुरू होने वाला है. इस बार तिथियों के विशेष संयोग के चलते नवरात्रि 8 या 9 नहीं, बल्कि पूरे 10 दिनों की होगी. तिथियों में फेरबदल के कारण व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के मन में घटस्थापना और व्रत पारण की सही तिथि को लेकर असमंजस बना हुआ है. यदि आप भी इस पावन पर्व पर कलश स्थापना के श्रेष्ठ मुहूर्त और पारण के शास्त्रीय नियमों को लेकर संशय में हैं, तो काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य से जानिए हर जरूरी नियम और सटीक समय.
Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि शुरू होती है. इस साल 11 अक्टूबर से शक्ति उपासना के महापर्व नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 20 अक्टूबर तक चलेगा. तिथियों में हेर-फेर के कारण नवरात्रि कभी 8 तो कभी 9 दिनों की होती है. लेकिन फिर भी इसे नवरात्रि ही कहते हैं. लेकिन इस साल नवरात्रि 8 और 9 नहीं बल्कि 10 दिनों की है. ऐसे में जो लोग नवरात्रि का व्रत रखते हैं, उनमें यह कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है कि वे व्रत का पारण कब और कैसे करें. आइए जानते हैं काशी के ज्योतिषाचार्य से…
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित विनय पांडेय ने बताया कि आश्विन प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 10 अक्टूबर को रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगी, जो अगले दिन यानी 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर को मान्य होगी. इस दिन ही सुबह कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होगी. फिर अलग-अलग दिन अलग-अलग देवी के स्वरूपों की पूजा की जाएगी.
व्रत पारण की सही तिथि और नियम
नवरात्रि की नवमी तिथि की मान्यता 20 अक्टूबर को होगी. इस दिन ही हवन-पूजन और कन्या विदाई की जाएगी. जो लोग नवरात्रि में नौ दिनों का व्रत रखते हैं, वे वैसे तो 20 अक्टूबर को हवन-पूजन के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं; लेकिन दशमी तिथि 21 अक्टूबर को सुबह 10 बजे के करीब से शुरू हो रही है, इसलिए जो नौ दिनों का व्रत रखते हैं उनके लिए व्रत के पारण की सही तिथि 21 अक्टूबर को है. इस दिन ही उन्हें शास्त्र सम्मत तरीके से अपने व्रत का पारण करना चाहिए.
यह है कलश स्थापना का समय
वैदिक हिंदू पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए 3 मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ हैं. 11 तारीख को प्रातः 6 बजकर 10 मिनट से लेकर 7 बजकर 35 मिनट का समय कलश स्थापना के लिए शुभ है. इसके अलावा 9 बजकर 05 मिनट से 10 बजकर 50 मिनट के बीच भी आप कलश स्थापना कर सकते हैं. इन दोनों मुहूर्त के अलावा 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट के बीच का समय अभिजीत मुहूर्त है. इस मुहूर्त में भी आप कलश स्थापित कर देवी की पूजा-आराधना शुरू कर सकेंगे.
21 अक्टूबर को दशहरा
इस साल दशहरा का महापर्व 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन ही देशभर में रावण दहन होगा. दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना भी बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन शस्त्र पूजा का भी शास्त्रीय विधान है.