Kaun Banega Crorepati 18: बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सिर्फ उन्हें अच्छी आदतें सिखाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे बच्चों को जिंदगी की मुश्किल परिस्थितियों से लड़ना भी सिखाते हैं. कई बार माता-पिता की कही छोटी-सी बात बच्चों के जीवन का सबसे बड़ा सबक बन जाती है. खासकर जब बच्चे कम उम्र में किसी नए क्षेत्र में कदम रखते हैं, तो उन्हें परिवार के सहयोग और सही मार्गदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है.
बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की जिंदगी में भी उनकी मां का ऐसा ही खास स्थान रहा है. माधुरी ने हाल ही में टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में अपनी मां से जुड़ी कुछ यादें साझा कीं. इस दौरान उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें न सिर्फ कला और डांस की सीख दी, बल्कि आलोचनाओं का सामना करना और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहना भी सिखाया. मां की यही सीख माधुरी के लिए मुश्किल समय में हिम्मत और आगे बढ़ने की प्रेरणा बनी.
मां ने सिखाया मुश्किलों का सामना करना
‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान माधुरी दीक्षित ने अपनी मां के साथ अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात की. अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है और उनसे उन्हें क्या खास मिला है. इस सवाल के जवाब में माधुरी ने बताया कि उनकी कला, रचनात्मकता और डांस का काफी हिस्सा उन्हें अपनी मां से ही मिला है.
माधुरी ने अपनी मां को बेहद मजबूत महिला बताया. उन्होंने कहा कि उनकी मां का व्यक्तित्व अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन की तरह ही मजबूत था. जिस तरह एक मां अपने बच्चों को मुश्किल हालात में संभालती है, उसी तरह माधुरी की मां ने भी उन्हें जिंदगी के उतार-चढ़ाव से निपटना सिखाया.
जब दूसरों की बातों से दुखी हो जाती थीं माधुरी
माधुरी दीक्षित ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब वह बहुत छोटी थीं. उस उम्र में अगर कोई उनके बारे में कुछ गलत कह देता था, तो उन्हें बुरा लगता था. वह घर आकर दुखी हो जाती थीं और दूसरों की बातों को दिल से लगा लेती थीं.
ऐसे समय में उनकी मां उन्हें समझाती थीं कि दूसरों की बातों से इतनी जल्दी कमजोर नहीं पड़ना चाहिए. अगर उन्हें किसी काम को करने की इच्छा है, तो उन्हें अपनी मेहनत से उसे करके दिखाना चाहिए. मां का मानना था कि सिर्फ लोगों की बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस करना ज्यादा जरूरी है.
मां ने दिया सफलता का खास मंत्र
माधुरी की मां उन्हें हमेशा ईमानदारी और लगन से काम करने की सलाह देती थीं. वह कहती थीं कि अगर इंसान अपने काम को पूरी सच्चाई और मेहनत से करता है, तो एक दिन उसकी सफलता लोगों की सोच बदल सकती है. जो लोग शुरुआत में कमियां निकालते हैं, वे भी कामयाबी मिलने के बाद उसी इंसान की तारीफ करने लगते हैं.
पैरेंटिंग की सबसे जरूरी बात
माधुरी की मां की यह सीख बताती है कि बच्चों को आत्मविश्वास देना और उन्हें असफलताओं से घबराने के बजाय आगे बढ़ना सिखाना कितना जरूरी है. माता-पिता का सही मार्गदर्शन बच्चों को आलोचनाओं के बीच भी अपने लक्ष्य पर टिके रहने की ताकत देता है.