एलन मस्क के आगे सरकारों को सरेंडर करवाता अमेरिका, पहले हाई टैरिफ, फिर डील करने पर मजबूर


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आजकल एक कहावत बहुत मशहूर है. अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप को बिजनेस के अलावा कुछ नहीं द‍िखता. स्‍टारलिंक के मामले में भी कुछ ऐसा ही है. एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारल‍िंक को फायदा पहुंचाने के ल‍िए ट्रंप क‍िसी भी हद तक चले जाते हैं. पहले हाई टैर‍िफ लगाते हैं, फ‍िर उन देशों को स्‍टारल‍िंक के साथ डील करने को मजबूर देते हैं. ऐसे कई उदाहरण हैं.

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एलन मस्क के आगे सरकारों को कैसे सरेंडर करवाता है अमेरिका, देख‍िएZoom

स्‍टारल‍िंक के ल‍िए ट्रंप क‍िसी भी हद तक जाते हैं.

सोचिए, किसी देश के सामने दो रास्ते रख दिए जाएं. एक तरफ अमेरिका का भारी-भरकम टैरिफ और दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनियों के लिए अपने बाजार का दरवाजा खोलने का दबाव. जाह‍िर है क‍ि कोई भी देश अपने ह‍ितों को देखकर ही फैसला लेगा. लेकिन ट्रंप राज में अमेर‍िका देशों को मजबूर कर रहा है क‍ि वे अमेर‍िकी कंपन‍ियों से डील करें. ट्रंप पहले हाई टैर‍िफ लगाते हैं, फ‍िर उन सरकारों को सरेंडर करने को मजबूर कर देते हैं.

एलन मस्क की स्टारलिंक को लेकर भी यही सवाल उठ रहा है. वॉशिंगटन पोस्ट ने 7 मई 2025 को एक र‍िपोर्ट छापी. इसमें अमेर‍िकी विदेश मंत्रालय ने दुन‍ियाभर में काम कर रहे अपने राजदूतों को इसके बारे में क्‍या मैसेज ल‍िखा, उसका ज‍िक्र है. इसमें अमेर‍िकी विदेश मंत्री खुद राजदूतों को ल‍िखते हैं क‍ि अमेरिकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों, खासकर स्टारलिंक, के लिए रास्ता आसान करो. इसमें कई देशों का भी जिक्र है. ये वो देश हैं, ज‍िन पर ट्रंप ने उन द‍िनों हाई टैर‍िफ लगा रखा था.

कुछ सबूत देख‍िए

  1. लेसोथो में 50 फीसदी टैरिफ और फिर स्टारलिंक की एंट्री
    अमेरिका ने लेसोथो के सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया. इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद वहां के रेगुलेटर ने स्टारलिंक के अध‍िकार‍ियों से मुलाकात की. इसके बाद स्टारलिंक को देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने का लाइसेंस मिल गया. साफ है कि अमेर‍िका का मैसेज था क‍ि स्टारलिंक को लाइसेंस दो, तभी टैरिफ घटेगा.
  2. कंबोडिया में 49 फीसदी टैरिफ,फ‍िर डील
    अमेरिका ने कंबोडिया के सामान पर 49 फीसदी टैरिफ लगाया. उसी वक्‍त अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने वहां के अधिकारियों से बातचीत की. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में अमेरिकी सामान को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच देने और स्टारलिंक को जल्द मंजूरी देने पर बात हुई. यहां भी स्टारलिंक को मंजूरी देना टैरिफ कम करने की आधिकारिक शर्त जैसी थी.
  3. रुबियो के संदेशों में भी स्टारलिंक
    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिकी दूतावासों को बकायदा खत ल‍िाा. इसमें अमेरिकी सैटेलाइट कंपनियों के लिए विदेशी बाजार खोलने और स्टारलिंक को सरकारों की मंजूरी द‍िलवाने के ल‍िए काम करने का निर्देश था. साफ आदेश था क‍ि सरकारों को दबाव में लो, उन्‍हें मजबूर करो ताक‍ि वे अमेर‍िकी कंपन‍ियों के ल‍िए रास्‍ता बनाएं.

एलन मस्‍क ने ट्रंप को भी ठगा

एलन मस्‍क ऐसे ख‍िलाड़ी हैं क‍ि ब‍िजनेस के ल‍िए अपनों को भी नहीं छोड़ते. उन्‍होंने ट्रंप को भी ठगा. अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन की एक र‍िपोर्ट आई. इसमें उन्‍होंने ल‍िखा, मस्‍क जब ट्रंप प्रशासन के साथ काम कर रहे थे, तब उन्‍होंने 130 बार अमेर‍िकी सरकार से ही फायदा ल‍िया, वह भी अपनी कंपन‍ियों के ल‍िए. देश में अपनी कंपन‍ियों को कई कांट्रैक्‍ट द‍िलवाए, दूसरे देशों के साथ डील करवाई. मस्‍क की कंपन‍ियों के ख‍िलाफ जो जांच चल रही थी, वो बंद करवाई. यहां तक क‍ि कई पेनाल्‍टी भी माफ करवा ली. तब हर फैसला मस्क के कहने पर हुआ. लेकिन जब ट्रंप को लगने लगा क‍ि मामला बिगड़ रहा है तब उन्‍होंने उनकी बात माननी बंद कर दी. नतीजा मस्‍क को जाना पड़ा.



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