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NEET Student Death: पटना नीट छात्रा केस मामले में नया अपडेट सामने आया. सीबीआई ने कोर्ट में जांच की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. इसी बीच मृतका की मां ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की है. अब आने वाले 13 अक्टूबर को मामले में सुनवाई की जाएगी. मालूम हो कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई थी.
सीबीआई. (सांकेतिक तस्वीर)
पटनाः बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत से अब तक पर्दा नहीं उठा. सीबीआई तकरीबन 8 महीने की जांच के बाद भी खाली हाथ है. जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले. CBI ने 6 अक्टूबर को पटना की विशेष POCSO अदालत में रिपोर्ट दाखिल की. अब 13 अक्टूबर को इस पर सुनवाई होगी. इसी बीच मृतका की मां ने पॉक्सो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है.
6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली थी छात्रा
जहानाबाद की रहने वाली छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. वह 5 जनवरी को हॉस्टल पहुंची थी. फिर 6 जनवरी 2026 को वह हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. इसके बाद छात्रा के पिता के बयान पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज की गई. परिवार ने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही और घटना की जांच की मांग की. मामले को लेकर सवाल उठने के बाद बिहार पुलिस की SIT ने भी जांच की. बाद में बिहार सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी.
मेडिकल और फॉरेंसिक जांच ने बढ़ाए थे सवाल
जांच के दौरान मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर भी कई बातें सामने आईं. पोस्टमार्टम में चोट के निशान का जिक्र था और फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात सामने आई थी. हालांकि, इन तथ्यों के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई योग्य पर्याप्त सबूत CBI को नहीं मिले. CBI ने जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की और DNA जांच भी कराई. एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 30 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे, लेकिन किसी का DNA उस सैंपल से मैच नहीं हुआ.
मां कोर्ट पहुंचीं, परिवार को अब सुनवाई से उम्मीद
CBI की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद छात्रा का परिवार कोर्ट पहुंचा. अदालत ने छात्रा के पिता को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. परिवार क्लोजर रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है. मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी. उस दिन कोर्ट CBI की रिपोर्ट और परिवार के पक्ष पर विचार करेगा. CBI के क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने का मतलब यह नहीं है कि मामला उसी समय खत्म हो गया. अब अंतिम फैसला अदालत को करना है. कोर्ट रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है. वहीं, अगर उसे लगता है कि मामले में आगे जांच की जरूरत है तो अतिरिक्त जांच के निर्देश भी दिए जा सकते हैं.
हम पार्टी के प्रवक्ता ने क्या कहा?
राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि- नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से बेहद निराशा हुई है. सीबीआई ने जांच की, लेकिन रिपोर्ट से यह गंभीर सवाल जरूर उठता है कि शुरुआती जांच में जिन महत्वपूर्ण पहलुओं और साक्ष्यों पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए था, उन्हें क्यों नजरअंदाज किया गया. समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यदि महत्वपूर्ण सबूत हाथ से निकल गए, तो यह केवल एक जांच की कमी नहीं, बल्कि न्याय की प्रक्रिया पर गंभीर असर डालने वाली बात है. अब जरूरी है कि शुरुआती जांच में हुई चूक की भी निष्पक्ष समीक्षा हो और जिन अधिकारियों की लापरवाही प्रमाणित हो, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए.