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Sawai Madhopur Chambal River Accident: सवाई माधोपुर में कल चंबल नदी में नहाने के दौरान डूबे सगे भाई-बहन के मामले में आज सिविल डिफेंस की टीम को 22 वर्षीय भाई गणपत सैनी का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर मिल गया है. वहीं, 20 वर्षीय बहन अंतिमा सैनी की तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. बहरावंडा खुर्द निवासी ये दोनों भाई-बहन कल चंबल नदी स्थित झरेल के बालाजी मंदिर में दर्शन करने आए थे, तभी नदी में नहाते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया. मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है और युवक का शव मिलने के बाद से ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.
Sawai Madhopur News: चंबल नदी में डूबे भाई का शव मिला, बहन की तलाश जारी
सवाई माधोपुर. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में चंबल नदी में नहाने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. बीते कल चंबल नदी में नहाते समय डूबे सगे भाई-बहन के मामले में आज प्रशासन और बचाव दल को एक बड़ी सफलता मिली है, हालांकि यह खबर परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आई है. सिविल डिफेंस की टीम द्वारा नदी में लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर 22 वर्षीय युवक गणपत सैनी का शव बरामद कर लिया गया है. वहीं, हादसे का शिकार हुई उसकी 20 वर्षीय सगी बहन अंतिमा सैनी का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है और उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहरावंडा खुर्द के रहने वाले दोनों सगे भाई-बहन, गणपत सैनी और अंतिमा सैनी, बीते कल चंबल नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध झरेल के बालाजी मंदिर में दर्शन करने के लिए आए हुए थे. मंदिर में दर्शन से पूर्व दोनों भाई-बहन पास ही बह रही चंबल नदी में नहाने के लिए उतर गए. इसी दौरान नदी के गहरे पानी और तेज बहाव का अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों अचानक पानी में डूब गए. इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू करवाया गया.
500 मीटर दूर मिला भाई का शव, बहन की खोज जारी
हादसे के तुरंत बाद से ही सिविल डिफेंस के गोताखोरों और राहत बचाव दल द्वारा चंबल नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आज रेस्क्यू टीम को डूबने के स्थान से लगभग 500 मीटर आगे 22 वर्षीय गणपत सैनी का शव पानी में मिला. पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया है. दूसरी तरफ, 20 साल की अंतिमा सैनी को ढूंढने के लिए सिविल डिफेंस के जवान नाव और गोताखोरों की मदद से नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं.
घाट पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, परिजनों में कोहराम
इस हृदयविदारक घटना की खबर फैलते ही कल से ही चंबल नदी के घाट पर आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है. जैसे ही आज नदी से गणपत सैनी का शव बाहर निकाला गया, वहां मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया. अपने जवान बेटे का शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बेटी अंतिमा के सकुशल मिलने की उम्मीद भी अब टूटती जा रही है. इस दुखद हादसे से बहरावंडा खुर्द गांव में भी गहरा सन्नाटा और शोक की लहर छाई हुई है.