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Dholpur Ground Report: धौलपुर जिले के भैसाख-समोला गांव में किसानों का हाल बेहाल है. सीवर का गंदा पानी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो साल से धौलपुर शहर की ओर से आ रहा सीवर का दूषित और बदबूदार पानी खेतों में भर रहा है. इससे करीब 200 से 300 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो रही है और फसल खराब हो रही है. गांव में जल जीवन मिशन भी धरातल पर नहीं उतर पाया है. पानी के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है. गांव में सड़क, नाला, बिजली सहित अन्य की भी समस्या बनी हुई है.
धौलपुर. राजस्थान के धौलपुर जिला अंतर्गत भैसाख-समोला गांव में सीवर का गंदा पानी अब किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो साल से धौलपुर शहर की ओर से आ रहा सीवर का दूषित और बदबूदार पानी खेतों में भर रहा है. इससे करीब 200 से 300 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो रही है. खेतों में सीवर का पानी भरने के कारण फसल खराब हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
ग्रामीणों के ने बताया पिछले साल भी सीवर के पानी से किसानो की करोड़ों रुपए की फसल बर्बाद हो गई थी. इस साल भी खेतों में खड़ी बाजरे की फसल पानी में डूबकर सड़ गई. ग्रामीणों का कहना है कि सीवर के पानी की निकासी के लिए उन्हें खुद ही निजी खर्च पर पानी को गांव की पोखर में छोड़ना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस मदद नहीं मिल रही है.
धरातल पर नहीं उतर पाया है जल जीवन मिशन
गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसका काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है. पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है. कुछ ग्रामीण निजी समरसेबल से पानी भरकर काम चला रहे हैं. ग्रामीणों ने टंकी का निर्माण पूरा कराकर नियमित पेयजल सप्लाई शुरू करने की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल निकासी की भी बड़ी समस्या है. कई जगह नालियां जाम पड़ी है जबकि कुछ स्थानों पर नालियों का निर्माण ही नहीं हुआ है. इसके कारण पानी सड़कों पर जमा रहता है. जलभराव के चलते गांव की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं. स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रात में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते और हादसे का खतरा बना रहता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष रखी ये मांग
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान गांव के सरकारी स्कूल में भी पानी भर जाता है. इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. ग्रामीणों ने आंगनवाड़ी केंद्र को दुरुस्त कराने और गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की. ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और जल निकासी से जुड़ी कई समस्याएं सामने रखी. ग्रामीणों ने प्रशासन से खेतों में भरे सीवर के पानी की निकासी, नालियों की सफाई और निर्माण, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट लगाने और गांव के मुख्य रास्ते को बेहतर कराने की मांग की है.