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Samastipur Patori Hospital: समस्तीपुर के पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल में अपोलो अस्पताल ने किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा शुरू की है. राशन कार्ड धारक पात्र मरीजों को यह सुविधा मुफ्त मिलेगी. फिलहाल हॉस्पिटल में तीन मशीनें लगाई गई हैं. इसके शुरू होने से मरीजों को बार-बार बाहर नहीं जाना होगा.
समस्तीपुर. समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल में अब किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई है. अपोलो अस्पताल की ओर से अस्पताल परिसर में डायलिसिस यूनिट स्थापित की गई है. इस सुविधा के शुरू होने से पटोरी और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.
मरीज अब अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत डायलिसिस करा सकेंगे. खास बात यह है कि राशन कार्ड में नाम दर्ज होने वाले पात्र मरीजों को इस सुविधा के लिए अलग से पैसा नहीं देना होगा. इससे नियमित डायलिसिस की जरूरत वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
एक साथ तीन मरीजों का होगा डायलिसिस
डायलिसिस सेंटर में फिलहाल तीन मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे एक समय में तीन मरीजों का डायलिसिस किया जा सकेगा. एक मरीज के डायलिसिस में लगभग चार घंटे का समय लगता है. सेंटर में डायलिसिस के लिए जरूरी पानी को शुद्ध करने की व्यवस्था भी की गई है. इसके लिए आरओ प्लांट लगाया गया है.
टेक्नीशियन के अनुसार एक डायलिसिस प्रक्रिया में करीब डेढ़ सौ लीटर पानी की खपत होती है, जिसे फिल्टर कर उपयोग में लाया जाता है. अस्पताल में अभी तीन मशीनें उपलब्ध हैं, जबकि जल्द ही दो और मशीनें लगाने की तैयारी है. इसके बाद सेंटर की क्षमता बढ़ जाएगी और अधिक मरीजों को सुविधा मिल सकेगी.
रिपोर्ट और दस्तावेज लेकर पहुंचना होगा
डायलिसिस सेंटर के प्रभारी टेक्नीशियन शंभू कुमार ने बताया कि पहली बार अनुमंडलीय अस्पताल में यह सुविधा शुरू की गई है, जो क्षेत्र के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी. उन्होंने बताया कि मरीज को डॉक्टर की रिपोर्ट, आधार कार्ड, राशन कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज लेकर आना होगा. डायलिसिस शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज की स्थिति और आवश्यक जांच रिपोर्ट देखते हैं. सीबीसी समेत कई जरूरी जांच के बाद डॉक्टर डायलिसिस की सलाह देते हैं.
इसके बाद मरीज सेंटर में पहुंचकर सुविधा ले सकता है. शंभू कुमार ने बताया कि डायलिसिस की पूरी प्रक्रिया करीब चार घंटे चलती है और प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में मरीज का उपचार किया जाता है. स्थानीय स्तर पर यह सुविधा शुरू होने से किडनी मरीजों के समय, यात्रा और खर्च की परेशानी कम होने की उम्मीद है. स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को बार-बार बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी.