ITR Refund Delay: जुलाई में आईटीआर भरा, अब तक नहीं आया रिफंड, इन 5 चीजों को तुरंत करें चेक

ITR Refund Delay: जुलाई में आईटीआर भरा, अब तक नहीं आया रिफंड, इन 5 चीजों को तुरंत करें चेक


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अगर आपने जुलाई या अगस्त में ITR फाइल किया है और रिफंड अभी तक नहीं मिला, तो इसकी कुछ अहम वजहें होती है. इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान भी रखना जरूरी है. सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR का स्टेटस चेक करें. इसके बाद Form 26AS, AIS, TIS और बैंक डिटेल्स मिलाएं. अगर रिटर्न प्रोसेस हो चुका है लेकिन रिफंड नहीं मिला, तो विभाग से बात करें. जरूरत पड़ने पर पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं.

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जुलाई-अगस्त में ITR फाइल किया है तो रिफंड का स्टेट्स चेक करने के लिए स्टेप्स जानना जरूरी है.

अगर आपने जुलाई या अगस्त में ITR फाइल किया था और अभी तक रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो रिफंड न आने की कई वजहें हो सकती हैं. कई बार इनकम टैक्स विभाग में रिटर्न की प्रोसेसिंग में समय लगता है. वहीं, ITR में दी गई आय या TDS की जानकारी अगर विभाग के रिकॉर्ड से मैच नहीं करती है, तो भी रिफंड में देरी हो सकती है. बैंक अकाउंट से जुड़ी समस्या भी इसकी एक वजह बन सकती है. ऐसे में सबसे पहले ITR का स्टेटस चेक करना जरूरी है. इसके बाद 26AS, AIS और बैंक अकाउंट की जानकारी मिलानी चाहिए. रिफंड में देरी की आम वजहें और ऐसी में आपको क्या करना चाहिए, ये सब बताते हैं.

रिफंड आने में क्यों हो सकती है देरी?

इनकम टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक, सबसे पहले यह देखना चाहिए कि आपका ITR प्रोसेस हुआ है या अभी भी ‘अंडर प्रोसेसिंग’ में है. इसके अलावा ITR में बताई गई आय या TDS और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर होने पर भी रिफंड रुक सकता है. किसी पुराने टैक्स बकाये के साथ रिफंड एडजस्ट होने की स्थिति भी बन सकती है. बैंक अकाउंट वैलिडेट न होने पर भी पैसा क्रेडिट नहीं होता.

ऐसे चेक करें ITR का स्टेट्स

  • इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें.
  • इसके बाद e-File > Income Tax Returns > View Filed Returns पर जाएं.
  • यहां संबंधित असेसमेंट ईयर चुनकर अपने रिटर्न का स्टेटस देख सकते हैं.
  • इससे पता चलेगा कि रिटर्न प्रोसेस हुआ है, रिफंड जारी हुआ है या किसी टैक्स डिमांड के खिलाफ रकम एडजस्ट की गई है.

रिफंड नहीं आया तो ये चीजें जरूर चेक करें

सबसे पहले चेक करें कि आपका ITR ई-वेरिफाई हुआ है या नहीं. अगर स्टेटस अभी ‘अंडर प्रोसेसिंग’ है, तो प्रोसेस पूरा होने तक इंतजार करना होगा. इसके साथ अपनी ITR में दी गई आय और TDS की जानकारी को Form 26AS, AIS और TIS से मिलाएं. ई-फाइलिंग पोर्टल और रजिस्टर्ड ईमेल पर किसी नोटिस या अतिरिक्त जानकारी की मांग तो नहीं आई, यह भी जरूर चेक करें.

बैंक अकाउंट की जानकारी भी चेक करें

जिस बैंक अकाउंट में रिफंड आना है, वह पोर्टल पर वैलिडेटेड और रिफंड के लिए नॉमिनेटेड होना चाहिए. अगर बैंक अकाउंट की जानकारी में कोई गलती है, तो उसे ठीक करें. अगर विभाग की ओर से रिफंड जारी होने की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन पैसा खाते में नहीं आया है, तो बैंक डिटेल दोबारा जांचें और जरूरत पड़ने पर इनकम टैक्स विभाग से संपर्क करें.

कब दर्ज करें शिकायत?

अगर ITR सही से वेरिफाई हो चुका है, आपकी तरफ से कोई गलती या पेंडिंग एक्शन नहीं है और फिर भी रिफंड प्रोसेस नहीं हुआ है, तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है. शिकायत करते समय असेसमेंट ईयर, ITR अकनॉलेजमेंट नंबर, फाइलिंग और ई-वेरिफिकेशन की तारीख और रिफंड की अनुमानित राशि जैसी जानकारी रखें. शिकायत नंबर संभालकर रखें और बाद में उसका स्टेट्स भी चेक करते रहें.



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