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Mini Switzerland Uttarakhand : बारिश थमने के साथ उत्तराखंड के कौसानी का मौसम सुहावना हो गया है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और दूसरे राज्यों से पर्यटक कौसानी पहुंच रहे हैं. कौसानी को इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है. पर्यटक चाय बागान की हरियाली, चाय की खेती और पहाड़ी वातावरण का आनंद ले रहे हैं. स्थानीय व्यापारी बबलू नेगी बताते हैं कि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन कारोबार अभी पिछले साल जैसी नहीं हो रहा है. पर्यटक सिम्मी कहती हैं कि बारिश के बाद अक्टूबर और नवंबर कौसानी घूमने के लिए अच्छे महीने माने जाते हैं.
बागेश्वर. मानसून की भारी बारिश के बाद उत्तराखंड के कौसानी में अब धीरे-धीरे पर्यटकों की रौनक लौटने लगी है. बारिश थमने के साथ मौसम सुहावना हो गया है और पहाड़ों की हरियाली सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और दूसरे राज्यों से पर्यटक कौसानी पहुंच रहे हैं. इससे होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, टैक्सी, गाइड और स्थानीय दुकानदारों को आने वाले पर्यटन सीजन से कारोबार बढ़ने की उम्मीद है. कौसानी को इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है. बारिश के बाद यहां के जंगल, पहाड़ और चाय बागान पहले से अधिक हरे-भरे नजर आते हैं. कौसानी के चाय बागान पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं. पर्यटक 50 रुपये का टिकट लेकर चाय बागान की हरियाली, चाय की खेती और पहाड़ी वातावरण का आनंद ले रहे हैं. साफ मौसम में यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का सुंदर नजारा भी दिखाई देता है.
चल रहे थे बुरे दिन
स्थानीय व्यापारी बबलू नेगी बताते हैं कि इस साल मानसून के दौरान बागेश्वर समेत पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाओं का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा है. सड़क मार्गो पर लगातार बाधाएं आने और मौसम खराब रहने के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं टाल दी थीं. इसका सीधा असर होटल और अन्य पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की कमाई पर पड़ा. अब अधिकांश प्रमुख मार्गो पर आवाजाही सामान्य होने के बाद पर्यटकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. हालांकि स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन कारोबार अभी पिछले वर्षों जैसी रफ्तार पर नहीं पहुंचा है. होटल संचालकों, दुकानदारों और गाइडों को उम्मीद है कि अक्टूबर से पर्यटन सीजन बेहतर रहेगा.
दिसंबर में कौन आएगा
पर्यटक सिम्मी कहती हैं कि बारिश के बाद अक्टूबर और नवंबर कौसानी घूमने के लिए अच्छे महीने माने जाते हैं. अक्टूबर में मौसम आमतौर पर साफ और सुहावना रहता है. बारिश के बाद पहाड़ों की हरियाली देखने को मिलती है. साफ मौसम में हिमालयी चोटियों के दर्शन की संभावना भी बेहतर रहती है. नवंबर में ठंड बढ़ने लगती है, लेकिन आसमान साफ रहने पर हिमालय का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है. रेणुका के मुताबिक, इसके बाद दिसंबर से फरवरी तक कौसानी में ठंड और सर्दी का असर बढ़ जाता है. इस दौरान ठंडी हवाओं और कभी-कभी बर्फबारी का आनंद लेने वाले पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं. मार्च से जून तक मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है. गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख करते हैं.
व्यापारी बबलू नेगी कहते हैं कि स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि अक्टूबर से शुरू होने वाला पर्यटन सीजन बेहतर रहेगा. आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से इस साल मानसून में हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी.